NEET UG 2026 परीक्षा का सफल आयोजन: छात्रों की प्रतिक्रियाएं और विश्लेषण
NEET UG 2026 परीक्षा का आयोजन
नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को NEET UG 2026 परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह परीक्षा पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित की गई, जिसमें देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 22 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए। यह परीक्षा MBBS, BDS, AYUSH सहित कई मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
परीक्षा की संरचना
पिछले वर्ष की तरह, इस बार भी सेक्शन B को हटा दिया गया है, जिससे परीक्षा को 180 अनिवार्य प्रश्नों तक सीमित रखा गया। कुल 720 अंकों के पेपर में बायोलॉजी से 90 प्रश्न (360 अंक), फिजिक्स और केमिस्ट्री से 45-45 प्रश्न (180-180 अंक) पूछे गए। इस बदलाव के कारण सभी प्रश्नों को हल करना छात्रों के लिए अनिवार्य हो गया।
फिजिक्स की चुनौती
फिजिक्स सबसे चुनौतीपूर्ण
परीक्षा केंद्रों से बाहर आए छात्रों के अनुसार, इस बार फिजिक्स सबसे कठिन सेक्शन रहा। प्रश्न लंबे और कॉन्सेप्ट आधारित थे, जिससे समय प्रबंधन में कठिनाई आई। केमिस्ट्री को मध्यम स्तर का माना गया, जबकि बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान और स्कोरिंग रही।
थ्योरी आधारित प्रश्नों की संख्या
थ्योरी आधारित प्रश्नों की बढ़ी संख्या
छात्रों के प्रारंभिक फीडबैक से यह स्पष्ट होता है कि इस बार न्यूमेरिकल के मुकाबले थ्योरी आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक थी। विशेष रूप से बायोलॉजी और केमिस्ट्री में NCERT से सीधे सवाल पूछे गए, जिससे उन छात्रों को लाभ मिला जिन्होंने सैद्धांतिक तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया था।
विषयवार विश्लेषण
विषयवार विश्लेषण
फिजिक्स में कॉन्सेप्ट आधारित और समय लेने वाले सवालों ने छात्रों को उलझन में डाल दिया। केमिस्ट्री में स्टेटमेंट और assertion-reason आधारित प्रश्नों ने जटिलता को बढ़ाया। वहीं, बायोलॉजी में अधिकांश प्रश्न सीधे NCERT से थे, लेकिन 90 प्रश्नों की संख्या ने पढ़ाई की गति और धैर्य की परीक्षा ली।
मार्किंग स्कीम और तैयारी के सुझाव
मार्किंग स्कीम और आगे की तैयारी
प्रत्येक सही उत्तर पर 4 अंक, गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती और अनुत्तरित प्रश्नों पर शून्य अंक दिए जाएंगे। कुछ विशेष परिस्थितियों में सभी को 4 अंक दिए जा सकते हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक उत्तर कुंजी का इंतजार करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी से बचें।
