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NEET UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक के आरोप, गाओकाओ की सुरक्षा प्रणाली की चर्चा

NEET UG 2026 परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोपों ने छात्रों में चिंता बढ़ा दी है। इस बीच, चीन की गाओकाओ परीक्षा की सुरक्षा प्रणाली की चर्चा हो रही है, जो इसे लीक-प्रूफ बनाती है। जानें कैसे गाओकाओ परीक्षा की सुरक्षा प्रणाली काम करती है और क्यों इसे दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है।
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NEET UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक के आरोप, गाओकाओ की सुरक्षा प्रणाली की चर्चा

नई दिल्ली में NEET UG 2026 परीक्षा के बाद पेपर लीक की चिंताएँ


नई दिल्ली: भारत में प्रमुख परीक्षाओं के बाद पेपर लीक की घटनाएँ छात्रों के लिए चिंता और निराशा का कारण बनती जा रही हैं। NEET UG 2026 परीक्षा के बाद भी इसी तरह के आरोप सामने आए हैं, जिससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों में चिंता बढ़ गई है। इस बीच, चीन की गाओकाओ परीक्षा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है, जिसकी सुरक्षा इतनी कड़ी है कि वहां पेपर लीक होना लगभग असंभव माना जाता है।


NEET UG 2026 परीक्षा और पेपर लीक के आरोप

NEET UG 2026 की परीक्षा रविवार, 3 मई को भारत और विदेशों में एक ही शिफ्ट में आयोजित की गई थी। परीक्षा के कुछ दिनों बाद, राजस्थान पुलिस ने प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना दी, जिसके बाद विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने इस मामले की जांच शुरू की। आरोप है कि परीक्षा से पहले कुछ उम्मीदवारों को अनुमानित प्रश्नपत्र वितरित किए गए थे।


राजस्थान एसओजी ने इस मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान मनीष यादव और राकेश मांडवरिया के रूप में हुई है।


गाओकाओ परीक्षा का परिचय

गाओकाओ, चीन की राष्ट्रीय महाविद्यालय प्रवेश परीक्षा है, जो सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए एक सामान्य परीक्षा है। यह परीक्षा हर साल जून में आयोजित होती है और इसमें लाखों छात्र भाग लेते हैं। इसे दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है।


इस परीक्षा का संचालन चीन के शिक्षा मंत्रालय द्वारा किया जाता है और इसमें चीनी भाषा, गणित और एक विदेशी भाषा जैसे विषय शामिल होते हैं।


गाओकाओ परीक्षा का महत्व

गाओकाओ परीक्षा हाई स्कूल के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए होती है, जिनकी आयु लगभग 18 वर्ष होती है। यह परीक्षा चीन के प्रमुख विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर प्रवेश पाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। 2025 में इस परीक्षा में लगभग 13.35 मिलियन छात्र शामिल हुए थे, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक बनाता है।


गाओकाओ परीक्षा की सुरक्षा प्रणाली

इस परीक्षा के लिए सैन्य स्तर की सुरक्षा आवश्यक है। परीक्षा केंद्रों के पास निर्माण कार्य प्रतिबंधित है और नकल करने का प्रयास एक गंभीर अपराध माना जाता है। सुरक्षा के लिए ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और पुलिस बल तैनात किए जाते हैं, जिससे परीक्षा केंद्र किले की तरह सुरक्षित होते हैं।


गाओकाओ परीक्षा की गोपनीयता

गाओकाओ परीक्षा को राज्य स्तर पर गोपनीयता के दायरे में रखा जाता है, जिससे प्रश्नपत्रों का लीक होना लगभग असंभव है। रिपोर्टों के अनुसार, गाओकाओ के प्रश्नपत्रों को 'राज्य रहस्य' के रूप में वर्गीकृत किया गया है और इन्हें सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत प्रबंधित किया जाता है।


प्रश्नपत्रों को विशेष रूप से नामित जेलों में मुद्रित किया जाता है, जहां 24/7 निगरानी की जाती है।


छपाई के बाद की सुरक्षा

छपाई के बाद, प्रश्नपत्रों को GPS ट्रैकिंग और वीडियो निगरानी के साथ सशस्त्र पुलिस सुरक्षा में ले जाया जाता है। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा मेटल डिटेक्टरों और अन्य उपकरणों से की जाती है, जिससे नकल करने वाले छात्रों को तुरंत पकड़ा जा सकता है।