पंजाब के मुख्यमंत्री ने सिंगापुर में स्कूल प्रिंसिपलों के बैच को रवाना किया
मुख्यमंत्री भगवंत मान की नई पहल
चंडीगढ़ (विज)- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को सिंगापुर में प्रिंसिपल एकेडमी में ट्रेनिंग के लिए 30 सरकारी स्कूल प्रिंसिपलों के 8वें बैच को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को वैश्विक शिक्षण प्रथाओं से अवगत कराना और राज्य के सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंजाब इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का विरोध करेगा। इसके साथ ही, उन्होंने भाजपा की केंद्र सरकार, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल पर भी निशाना साधा।
सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'आज, पंजाब के सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों का एक और बैच ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर के लिए रवाना हुआ। मैं इस मौके पर उनसे मिला, उन्हें शुभकामनाएं दीं और इस यात्रा को सफल बनाने के लिए उनकी हिम्मत बढ़ाई।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमारी सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के बच्चों को विश्वस्तरीय, गुणवत्ता वाली शिक्षा मिले। इसी दृष्टिकोण के साथ, हम अपने शिक्षकों और प्रिंसिपलों को लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग के अवसर प्रदान कर रहे हैं, ताकि वे नए और आधुनिक तरीकों को सीख सकें और पंजाब के शिक्षा प्रणाली को और मजबूत कर सकें। हमारा उद्देश्य केवल स्कूल बनाना नहीं है, बल्कि एक ऐसा शिक्षा तंत्र बनाना है जो पंजाब के हर बच्चे को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की क्षमता प्रदान करे।'
मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम मान ने कहा, 'सरकारी स्कूलों के प्रमुखों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करने के लिए, 30 प्रिंसिपल्स का आठवां बैच 8 से 14 मार्च तक सिंगापुर में प्रिंसिपल एकेडमी में ट्रेनिंग के लिए जा रहा है। अब तक 234 प्रिंसिपल्स और शिक्षा अधिकारियों वाले आठ बैच ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर भेजे जा चुके हैं।'
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए एक पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारियों ने चुने गए प्रिंसिपल्स का सत्यापन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान, इन प्रिंसिपल्स को विदेशों में चल रहे आधुनिक शिक्षण तरीकों के बारे में जानकारी मिलती है। लौटने के बाद, वे इन तरीकों को छात्रों और सहकर्मियों के साथ साझा करते हैं ताकि हमारे छात्रों को शिक्षा के वैश्विक मानकों का अनुभव हो सके। यह नई पहल राज्य के शिक्षा प्रणाली में नई जान डाल रही है और ये शिक्षक छात्रों के लिए अच्छी शिक्षा सुनिश्चित करके बदलाव लाने वाले एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं।
