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महाराष्ट्र में एचएससी परीक्षा से पहले रसायन विज्ञान प्रश्न पत्र लीक का मामला

नागपुर में महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक प्रमाणपत्र परीक्षा से पहले रसायन विज्ञान प्रश्न पत्र लीक होने की घटना सामने आई है। दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि यह लीक का मामला नहीं है और पुनर्परीक्षा नहीं होगी। जांच जारी है, जिसमें एक छात्रा के पास से फोन मिलने के बाद मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और बोर्ड के अधिकारियों का क्या कहना है।
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महाराष्ट्र में एचएससी परीक्षा से पहले रसायन विज्ञान प्रश्न पत्र लीक का मामला

प्रश्न पत्र लीक की घटना


नई दिल्ली: नागपुर में महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक प्रमाणपत्र (एचएससी) परीक्षा शुरू होने से पहले रसायन विज्ञान का प्रश्न पत्र व्हाट्सएप ग्रुप में लीक होने के कारण दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि यह लीक का मामला नहीं है और पुनर्परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक का संबंध एक छोटे ट्यूशन सेंटर से है, जबकि दूसरा उस व्हाट्सएप ग्रुप का सदस्य था जहां प्रश्न पत्र साझा किया गया था।


जांच की प्रक्रिया

अधिकारियों ने बताया कि जब तक इस सामग्री को फैलाने वाले मुख्य स्रोत का पता नहीं लगाया जाता, तब तक आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। चूंकि बोर्ड परीक्षाएं अभी चल रही हैं, छात्रों से पूछताछ नहीं की गई है।


यह घटना 18 फरवरी को नागपुर के मनकापुर क्षेत्र में हुई। सेंट उर्सुला कॉलेज में एक निरीक्षक को तब संदेह हुआ जब एक छात्रा ने रसायन विज्ञान की परीक्षा के दौरान लगभग 20 मिनट तक वॉशरूम में बिताए।


छात्रा के पास मिला फोन

जब छात्रा की तलाशी ली गई, तो उसके पास एक मोबाइल फोन मिला, जिसका परीक्षा कक्ष में होना मना है। फोन की जांच में पता चला कि रसायन विज्ञान के प्रश्न पत्र की एक तस्वीर सुबह 10:37 से 10:40 के बीच एक व्हाट्सएप ग्रुप में भेजी गई थी।


अधिकारियों ने यह भी पाया कि 16 फरवरी को आयोजित भौतिकी परीक्षा का प्रश्न पत्र भी उसी दिन पहले एक ही समूह में साझा किया गया था, जिसमें लगभग 12 छात्र शामिल थे।


छात्र को कोई लाभ नहीं मिला

अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में छात्रा को संदेश की सूचना मिली थी, लेकिन उसने उसे खोला नहीं और परीक्षा के दौरान फोन का उपयोग नहीं किया। इसका मतलब है कि उसे इससे कोई लाभ नहीं मिला।


बाद में उसी समूह की एक अन्य छात्रा से पूछताछ की गई, जिसके फोन से पुष्टि हुई कि वह समूह की सदस्य थी, जिसके बाद पुलिस ने आगे की जांच शुरू की।


बोर्ड का बयान

बोर्ड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एचएससी परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी, क्योंकि वायरस का प्रसार केवल कुछ छात्रों वाले एक ही व्हाट्सएप समूह तक सीमित था।