सुप्रीम कोर्ट ने तीन भाषा नीति की जांच का आदेश दिया
तीन भाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
नई दिल्ली। केंद्रीय सरकार द्वारा नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन भाषा नीति लागू करने के निर्णय की जांच की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा यह नीति अनिवार्य करने के फैसले की समीक्षा की जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि यह देखना आवश्यक है कि क्या इस नीति के कारण छात्रों और संसाधनों पर अनावश्यक दबाव तो नहीं पड़ रहा है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच ने कहा कि इस नीति के कार्यान्वयन में आने वाली जमीनी और व्यवस्थागत चुनौतियों को समझना जरूरी है, खासकर जब शिक्षकों और पाठ्यपुस्तकों की कमी हो। सुप्रीम कोर्ट ने इस नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार, सीबीएसई और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इस मामले की अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी। पहले इसे 15 जून को सुनवाई के लिए तय किया गया था, लेकिन एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी के अनुरोध पर इसे जुलाई में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में सीबीएसई ने अचानक नौवीं कक्षा के लिए इसी सत्र से तीन भाषा नीति लागू करने का निर्णय लिया था। इसके लिए 15 मई को एक सर्कुलर जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि यह नीति एक जुलाई से लागू होगी और छात्रों को 31 मई तक तीसरी भाषा चुनने का समय दिया गया है।
