पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत: मुख्यमंत्री का चेहरा अभी भी अनिश्चित
पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया अध्याय
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहली बार राज्य में सरकार बनाने जा रही है। 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसे राज्य में नए राजनीतिक युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। इस दौड़ में सुवेंदु अधिकारी के साथ तीन अन्य नाम भी चर्चा में हैं।
भाजपा ने विधानसभा में प्रचंड बहुमत हासिल किया
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 206 सीटें जीतकर एक मजबूत बहुमत प्राप्त किया है। 2021 में पार्टी के पास केवल 77 सीटें थीं, जबकि इस बार उसने तृणमूल कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए बड़ी छलांग लगाई है। तृणमूल कांग्रेस इस बार केवल 80 सीटों पर सिमट गई है।
शपथ ग्रहण समारोह में मोदी और शाह की उपस्थिति
शपथ ग्रहण समारोह को खास बनाने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ-साथ NDA शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। सुवेंदु अधिकारी ने अपनी जीत के बाद नंदीग्राम में पूजा-अर्चना की और संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री के चेहरे पर सस्पेंस
इतनी बड़ी जीत के बावजूद मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और स्वपन दासगुप्ता के नाम भी चर्चा में हैं। भाजपा नेतृत्व ऐसे चेहरे को चुनने की योजना बना रहा है जो बंगाल की भाषा, संस्कृति और बौद्धिक विरासत से अच्छी तरह परिचित हो।
भवानीपुर और नंदीग्राम में भाजपा की जीत
इस चुनाव में भवानीपुर और नंदीग्राम की सीटों से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश उभरा है। भवानीपुर, जिसे ममता बनर्जी का अभेद्य किला माना जाता था, वहां भाजपा की जीत ने सत्ता परिवर्तन की पुष्टि की है। चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने 9,665 वोटों से जीत हासिल की। उन्हें कुल 1,27,301 वोट मिले, जबकि TMC उम्मीदवार पवित्र कर को 1,17,636 वोट मिले।
ममता बनर्जी की हार
भवानीपुर सीट पर भी एक चौंकाने वाला परिणाम सामने आया। ममता बनर्जी को यहां 15,105 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में सुवेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को केवल 58,812 वोट मिले। शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उनका अगला लक्ष्य भाजपा के वोट शेयर को 46% से बढ़ाकर 60% तक ले जाना है।
