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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मतदान से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। हावड़ा और उत्तर 24 परगना में हिंसक झड़पों की घटनाएँ सामने आई हैं, जिसमें BJP और TMC समर्थकों के बीच नारेबाजी और हाथापाई हुई। पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। जानें इस चुनावी माहौल की पूरी कहानी।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मतदान से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ा

चुनावी माहौल में तनाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। हावड़ा और उत्तर 24 परगना के हरुआ क्षेत्रों में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। हावड़ा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों के बीच नारेबाजी इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा। हावड़ा में एक रोड शो का नेतृत्व अभिनेता रवि किशन कर रहे थे।


मतदान की प्रक्रिया

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल 294 सीटों पर मतदान होना है। इनमें से 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। अब दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जिसमें शेष 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।


रोड शो के दौरान बवाल

यह विवाद तब शुरू हुआ जब उत्तर हावड़ा से BJP उम्मीदवार उमेश राय के समर्थन में एक रोड शो निकाला जा रहा था। जैसे ही रवि किशन का काफिला जीटी रोड पर TMC कार्यालय के निकट पहुंचा, दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। TMC समर्थकों के 'जय बांग्ला' के जवाब में BJP कार्यकर्ताओं ने 'जय श्रीराम' के नारे लगाए। विवाद इतना बढ़ गया कि केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि, झड़प के समय रवि किशन का काफिला उस स्थान से आगे बढ़ चुका था।


हरुआ में हिंसा की घटना

हरुआ में सब-इंस्पेक्टर घायल


उत्तर 24 परगना के हरुआ में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के नेता नौशाद सिद्दीकी की रैली से लौट रहे समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। आरोप है कि TMC समर्थकों द्वारा की गई टिप्पणियों के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस झड़प को नियंत्रित करने के प्रयास में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर भी घायल हो गए। ISF और TMC दोनों ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा किया है।


पहले चरण में मतदान का रिकॉर्ड

पहले चरण में हुआ रिकॉर्ड मतदान


चुनाव आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में राज्य में 93.19 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान हुआ है। आयोग का दावा है कि यह आजादी के बाद किसी भी राज्य में हुआ सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। कूचबिहार जिले में 96.2% वोटिंग के साथ सबसे अधिक मतदान हुआ, जबकि कालिम्पोंग में सबसे कम 83.04% मतदान दर्ज किया गया। पहले चरण में 3.67 करोड़ योग्य मतदाताओं में से 3.36 करोड़ से अधिक लोगों ने वोट डाले, जिसमें महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।