पूर्वी मेदिनीपुर: ऐतिहासिक और भौगोलिक विशेषताएँ
पूर्वी मेदिनीपुर का गठन और इतिहास
1 जनवरी 2002 को मेदिनीपुर जिले को विभाजित करके पूर्वी मेदिनीपुर जिले का निर्माण किया गया, जिसका मुख्यालय तामलुक है। इस जिले का इतिहास मयूर ध्वज वंश के राजा ताम्रध्वज से जुड़ा हुआ है। तामलुक का नाम संस्कृत के 'ताम्रलिप्त' शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'तांबे से भरा हुआ'।
तामलुक का प्राचीन बंदरगाह
तामलुक एक प्राचीन बंदरगाह शहर रहा है, जिससे यहां व्यापार का विकास हुआ। महाभारत में इसे ताम्रलिप्ता, ब्रिटिश काल में तामोलुक और ऐतिहासिक दस्तावेजों में तामलिका के नाम से जाना जाता है। जैन ग्रंथों में इसे वेंगा राज्य की राजधानी के रूप में उल्लेखित किया गया है।
भौगोलिक स्थिति
कहा जाता है कि तामलुक का प्राचीन बंदरगाह आज भी नदी के नीचे दबा हुआ है। यह जिला दक्षिण में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में सुवर्णरेखा और पूर्व में रूपनारायण नदी से घिरा हुआ है। यहां द्वारकेश्वर और शिलाई नदियों का रूपनारायण नदी में संगम होता है। जिले का अधिकांश क्षेत्र इंडो-गंगा मैदान और पूर्वी तटीय मैदान में फैला हुआ है।
पूर्वी मेदिनीपुर जिले की संरचना
पूर्वी मेदिनीपुर जिला चार तहसीलों में विभाजित है, जिसमें कुल 25 ब्लॉक और 29 पुलिस थाने हैं। यह जिला बर्दवान मंडल का हिस्सा है और इसकी कुल जनसंख्या लगभग 50 लाख है, जिसमें साक्षरता दर 87.66% है। 2006 में इसे देश के 250 सबसे पिछड़े जिलों में शामिल किया गया था।
राजनीतिक परिदृश्य
जिले में 16 विधानसभा क्षेत्र हैं, जो तामलुक और कांथी लोकसभा सीटों में विभाजित हैं। वर्तमान में तामलुक से बीजेपी के अभिजीत गांगोपाध्याय और कांथी से सौमेंदु अधिकारी सांसद हैं। पूर्वी मेदिनीपुर की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी परिवार का महत्वपूर्ण स्थान है।
विधानसभा सीटों की जानकारी
- तामलुक
- पांस्कुरा पुरबा
- पांस्कुरा पश्चिम
- मोयना
- नंदकुमार
- चांदीपुर
- महिसदल
- हल्दिया
- नंदीग्राम
- पटास्पुर
- भगवानपुर
- एग्रा
- कांथी उत्तर
- खेजुरी
- कांथी दक्षिण
- रामनगर
जिले की स्थिति
क्षेत्रफल: 4,736 वर्ग किमी
साक्षरता दर: 87.66%
विधानसभा सीटें: 16
नगर पालिका: 5
ब्लॉक: 25
ग्राम पंचायत: 223
गांव: 3500
