Newzfatafatlogo

मनोज तिवारी ने TMC पर लगाए गंभीर आरोप, राजनीति से लिया एक नया मोड़

मनोज तिवारी, जो एक प्रसिद्ध क्रिकेटर और पूर्व मंत्री हैं, ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में भ्रष्टाचार और आंतरिक लोकतंत्र की कमी है। तिवारी ने यह भी बताया कि उन्हें टिकट नहीं दिया गया क्योंकि उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया। उनके आरोपों ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। जानें उनके अनुभव और भविष्य की योजनाएं।
 | 
मनोज तिवारी ने TMC पर लगाए गंभीर आरोप, राजनीति से लिया एक नया मोड़

मनोज तिवारी के आरोप

प्रसिद्ध क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री रह चुके मनोज तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। TMC की हार के बाद, उन्होंने कहा कि अब पार्टी का अध्याय समाप्त हो गया है। इस बार उन्हें विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया गया, जिसके पीछे उन्होंने 5 करोड़ रुपये की मांग का आरोप लगाया। जब वह पैसे नहीं दे पाए, तो उन्हें टिकट से वंचित कर दिया गया। 2021 में, तिवारी ने TMC के टिकट पर शिबपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी और उन्हें राज्य में राज्यमंत्री बनाया गया था।


डॉ. राणा चटर्जी का टिकट

TMC ने मनोज तिवारी की जगह डॉ. राणा चटर्जी को टिकट दिया, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के रुद्रनील घोष ने हराया। 40 वर्षीय पूर्व बल्लेबाज, जो बंगाल क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, ने अपने आरोपों से हलचल मचा दी है। उन्होंने यह भी कहा कि अरूप बिस्वास उनसे असुरक्षित महसूस करते थे, इसलिए उन्हें मंत्रालय के कार्यों में शामिल नहीं किया गया।


मनोज तिवारी का इंटरव्यू

मनोज तिवारी ने एक इंटरव्यू में कहा, 'इस हार से मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ। जब पूरी पार्टी भ्रष्टाचार में लिप्त हो और विकास की कोई संभावना न हो, तो ऐसा होना स्वाभाविक है। केवल वही लोग टिकट प्राप्त कर पाए जो भारी रकम दे सकते थे। इस बार कम से कम 70 से 72 उम्मीदवारों ने टिकट पाने के लिए लगभग पांच करोड़ रुपये दिए। मैंने पैसे देने से मना कर दिया।' उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए TMC का अध्याय अब समाप्त हो चुका है।


राजनीति में आने का इरादा नहीं था

मनोज तिवारी ने कहा कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं था, भले ही 2019 में TMC ने उन्हें लोकसभा का टिकट देने की पेशकश की थी। 2021 में उन्होंने शिबपुर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने कहा, 'मैं उस समय आईपीएल में खेल रहा था और रणजी ट्रॉफी में गंभीर था जब दीदी (ममता) ने मुझे लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा। मैंने विनम्रता से मना कर दिया।'


TMC में आंतरिक लोकतंत्र की कमी

मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि TMC में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है। उन्होंने कहा, 'मैंने ऐसी बैठकों में हिस्सा लिया है जहां सभी मंत्रियों को बुलाया जाता था, लेकिन मुझे केवल एक 'लॉलीपॉप' दिया गया था। जब मैंने किसी समस्या की ओर ध्यान दिलाने की कोशिश की, तो दीदी ने मुझे रोक दिया।' उन्होंने हावड़ा जिले में सीवेज और ड्रेनेज प्रणाली की समस्याओं का भी जिक्र किया।


वसूली के आरोपों पर प्रतिक्रिया

मनोज तिवारी ने कहा कि उन्हें अपनी छवि को लेकर कई लड़ाइयां लड़नी पड़ी हैं, जिसमें उन पर चुनाव क्षेत्र में बिल्डरों से जबरन वसूली का आरोप भी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास जबरन वसूली के पैसे की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, 'मुझ पर झूठे आरोप लगाए गए हैं।'


अरूप बिस्वास के साथ अनुभव

मनोज तिवारी ने कहा कि उन्हें खेल मंत्री अरूप बिस्वास से अपमानित महसूस हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बिस्वास ने उन्हें अपने कर्तव्यों को निभाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा, 'अरूप दा खेल के बारे में कुछ नहीं जानते। कई कार्यक्रमों में मुझे मंच पर नहीं बुलाया गया।' उन्होंने यह भी कहा कि वह कोलकाता में मेस्सी के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर खुश हैं।


भविष्य की योजनाएं

मनोज तिवारी अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की लेवल 2 की कोच परीक्षा पास करने के बाद बंगाल की रणजी टीम के मुख्य कोच बनने की योजना बना रहे हैं।