Newzfatafatlogo

भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय खेल संबंधों पर मंत्रालय का स्पष्ट बयान

खेल मंत्रालय ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल संबंधों पर लगी रोक जारी रहेगी। हालांकि, भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे। मंत्रालय ने वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने का भी आश्वासन दिया है, जिससे भारत को एक प्रमुख खेल स्थल के रूप में स्थापित किया जा सके। जानें इस नीति के पीछे का कारण और भविष्य की योजनाएं क्या हैं।
 | 
भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय खेल संबंधों पर मंत्रालय का स्पष्ट बयान

खेल मंत्रालय का निर्णय

नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल संबंधों पर लगी रोक जारी रहेगी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय प्रतियोगिताओं में दोनों देशों के खिलाड़ियों की भागीदारी पर कोई रोक नहीं होगी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों, तकनीकी स्टाफ और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों के सदस्यों के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, ताकि भारत को एक प्रमुख खेल स्थल के रूप में स्थापित किया जा सके।


मंत्रालय का सर्कुलर

क्या बोला खेल मंत्रालय?

खेल मंत्रालय ने सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF), भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें कहा गया, 'द्विपक्षीय खेल प्रतियोगिताओं के संदर्भ में भारतीय टीमें पाकिस्तान नहीं जाएंगी और न ही पाकिस्तानी टीमों को भारत में खेलने की अनुमति दी जाएगी।' सर्कुलर में यह भी कहा गया, 'अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय प्रतियोगिताओं के मामले में निर्णय अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के नियमों और भारतीय खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।'


इसका क्या अर्थ है?

भारतीय खिलाड़ी उन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहेंगे, जिनमें पाकिस्तान के खिलाड़ी भी शामिल हैं। इसी प्रकार, पाकिस्तान के खिलाड़ी भारत में आयोजित बहुपक्षीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे।


नीति की घोषणा

कब घोषित हुई थी नीति?

यह नीति पहली बार अगस्त 2024 में घोषित की गई थी, जब यूएई में आयोजित एशिया कप में भारत की भागीदारी को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। उस समय मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि बहुपक्षीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी जारी रहेगी, बशर्ते मेजबानी पाकिस्तान के पास न हो।


भविष्य की योजनाएं

CWG और ओलंपिक के लिए क्या तैयारी?

मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया कि भारत 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की अपनी महत्वाकांक्षा के अनुरूप ओलंपिक चार्टर के समावेशी सिद्धांतों का पालन करेगा। इसके अलावा, मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए वीजा प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर अधिकतम पांच वर्षों तक के लिए मल्टी-एंट्री वीजा दिया जाएगा।