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आगरा में एमडी छात्रा की संदिग्ध मौत, जांच जारी

आगरा में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की एमडी छात्रा वर्तिका सिंह की संदिग्ध मौत ने सभी को चौंका दिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विसरा सुरक्षित रखा है और मामले की गहराई से जांच कर रही है। वर्तिका के परिवार ने न्याय की मांग की है, जबकि उनके सहपाठियों से पूछताछ की जा रही है। जानें इस मामले में क्या हुआ और आगे की कार्रवाई क्या होगी।
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आगरा में एमडी छात्रा की संदिग्ध मौत, जांच जारी

आगरा में छात्रा की मौत का मामला

आगरा। यूपी के आगरा जिले के हरीपर्वत थाना क्षेत्र में स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के हॉस्टल में रविवार शाम को एमडी प्रथम वर्ष की छात्रा वर्तिका सिंह मृत पाई गईं। उनकी मौत की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिसके चलते पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद विसरा सुरक्षित रख लिया है। इसे आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।


परिवार का दुख और पुलिस की जांच

शुरुआत में यह आशंका जताई गई थी कि वर्तिका ने नींद की गोलियों का ओवरडोज लेकर आत्महत्या की। सोमवार को उनकी मां अनीता आगरा पहुंचीं और बेटी की मौत से सदमे में हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार के बाद वह न्याय की मांग करेंगी। वर्तिका मूलतः आजमगढ़ की रहने वाली थीं, उनके पिता रिटायर्ड आईआरएस हैं और भाई अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।


शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य

वर्तिका ने 2022 में ओडिशा के बरहामपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की थी और फरवरी 2026 में आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में एमडी में दाखिला लिया था। हालांकि, पढ़ाई के दौरान वह अवसाद का शिकार हो गईं और दिल्ली के डॉक्टर से इलाज करवा रही थीं। 26 मार्च को उन्होंने नींद की दवा की ओवरडोज ली थी।


पुलिस की कार्रवाई

रविवार सुबह वर्तिका की मां ने उन्हें फोन किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। चिंता बढ़ने पर उन्होंने वर्तिका के सहपाठियों को बुलाया, जिन्होंने दरवाजा तोड़कर उन्हें बेहोश पाया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने तीन सहपाठियों से पूछताछ की है।


पोस्टमार्टम और जांच

छात्रा का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया, जिसमें वीडियोग्राफी भी की गई। डीसीपी ने बताया कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण विसरा सुरक्षित रखा गया है। वर्तिका के कमरे से बीयर की केन और सिगरेट की डिब्बी भी मिली है, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।


आगे की कार्रवाई

संस्थान के निदेशक ने बताया कि घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। इस टीम में डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. चंचल चंद्रा और डॉ. सुमित्रा मिश्रा शामिल हैं। यह टीम पूरे मामले की जांच करेगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।