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ऋषि कपूर की पुण्यतिथि: निगेटिव रोल निभाने से क्यों थे हिचकिचाते?

ऋषि कपूर की पुण्यतिथि पर, हम उनके करियर की शुरुआत से लेकर 'अग्निपथ' में निभाए गए रऊफ लाला के किरदार तक की यात्रा पर नजर डालते हैं। जानें कैसे उन्होंने निगेटिव रोल निभाने में हिचकिचाहट दिखाई, लेकिन अंततः दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहे। उनकी यादें आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई हैं।
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ऋषि कपूर की पुण्यतिथि: निगेटिव रोल निभाने से क्यों थे हिचकिचाते?

चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में करियर की शुरुआत


ऋषि कपूर की पुण्यतिथि, मुंबई: ऋषि कपूर ने 1970 में फिल्म 'मेरा नाम जोकर' से चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 90 से अधिक फिल्मों में काम किया, हर बार अपने किरदारों को जीवंतता से निभाया। हालांकि, 30 अप्रैल 2020 को उनके निधन की खबर ने उनके प्रशंसकों को गहरा सदमा दिया। आज उनकी पुण्यतिथि है, और उनकी यादें आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई हैं।


रऊफ लाला का किरदार निभाने में हिचक

ऋषि कपूर ने अपने करियर में कई रोमांटिक भूमिकाएँ निभाई हैं, लेकिन कुछ फिल्मों में उन्होंने नकारात्मक भूमिकाएँ भी अदा की हैं। 2012 में आई फिल्म 'अग्निपथ' में उन्होंने रऊफ लाला का नकारात्मक किरदार निभाया। हालांकि, शुरुआत में वह इस भूमिका के लिए तैयार नहीं थे। डायरेक्टर करण मल्होत्रा और प्रोड्यूसर करण जौहर के काफी मनाने के बाद उन्होंने इस भूमिका को स्वीकार किया।


ऋषि कपूर का डर और सफलता

ऋषि कपूर ने एक बार कहा था कि उन्हें डर था कि नकारात्मक भूमिका निभाने में वह सफल नहीं हो पाएंगे, जिससे फिल्म फ्लॉप हो सकती है। लेकिन उनका यह डर गलत साबित हुआ। रऊफ लाला के किरदार को दर्शकों ने बहुत पसंद किया, और फिल्म ने सफलता हासिल की।


अवॉर्ड जीतने का गौरव

फिल्म 'अग्निपथ' के मेकर्स ने लगभग एक महीने तक ऋषि कपूर को मनाया। अंततः उन्होंने फिल्म में काम करने का निर्णय लिया। फिल्म के रिलीज होने के बाद, उनके किरदार को दर्शकों ने सराहा और उन्हें बेस्ट परफॉर्मेंस इन निगेटिव रोल के लिए IIFA अवॉर्ड भी मिला।


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