एआर रहमान का विवादास्पद बयान: क्या है सच?
एआर रहमान का बयान और विवाद
प्रसिद्ध संगीतकार एआर रहमान, जो बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुके हैं, हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्म 'छावा' के बारे में कुछ ऐसे बयान दिए, जिन्होंने विवाद को जन्म दिया। 30 वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय रहमान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बॉलीवुड में शक्ति परिवर्तन और काम की चुनौतियों पर चर्चा की। उनके बयान को कुछ लोगों ने 'कम्युनल' के रूप में लिया, जिससे सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
कलाकारों की प्रतिक्रियाएं
रहमान के बयान के बाद कई प्रमुख कलाकारों ने अपनी राय व्यक्त की। सीनियर गीतकार जावेद अख्तर, गायक शान, अभिनेत्री कंगना रनौत और मीरा चोपड़ा जैसे कई हस्तियों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कुछ ने रहमान के दृष्टिकोण का समर्थन किया, जबकि अन्य ने उनके बयान की आलोचना की। यह विवाद तेजी से वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर लोगों की भावनाएं इस मामले में विभाजित हो गईं।
रहमान का स्पष्टीकरण
इस विवाद के बाद एआर रहमान ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि संगीत उनके लिए हमेशा जुड़ाव, आनंद और संस्कृति का सम्मान करने का माध्यम रहा है। रहमान ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा, "भारत मेरी प्रेरणा, मेरा गुरु और मेरा घर है। कभी-कभी विचारों में गलतफहमी हो सकती है, लेकिन मेरा मकसद हमेशा संगीत के जरिए सकारात्मकता फैलाना रहा है।"
रहमान का अनुभव
रहमान ने अपने करियर के अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने परफॉर्म करना, युवा संगीतकारों के साथ काम करना, सनशाइन आर्केस्ट्रा और भारत के पहले मल्टीकल्चरल वर्चुअल बैंड सीक्रेट माउंटेन जैसे प्रोजेक्ट्स उनके लिए प्रेरणा रहे हैं। इसके अलावा, हंस जिमर के साथ रामायण के लिए संगीत देने का अनुभव भी उनके करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने अपने देश के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य इतिहास का सम्मान करना, वर्तमान का जश्न मनाना और भविष्य को प्रेरित करना है।
इस विवाद के बीच एआर रहमान ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा कभी भी किसी को चोट पहुँचाने या विभाजन पैदा करने का नहीं था। उन्होंने अपने प्रशंसकों और आलोचकों से उम्मीद जताई कि वे उनके दृष्टिकोण को समझेंगे और संगीत की सार्वभौमिक शक्ति को महत्व देंगे।
