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कंगना रनौत को कोर्ट से बड़ा झटका, 15 जनवरी को पेश होना अनिवार्य

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री कंगना रनौत को एक मानहानि मामले में बड़ा झटका लगा है। पंजाब के बठिंडा की अदालत ने उन्हें 15 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। यदि वह इस तिथि पर उपस्थित नहीं होती हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है। यह मामला 2020-2021 के किसान आंदोलन से जुड़ा है, जिसमें कंगना ने एक बुजुर्ग महिला किसान के बारे में विवादास्पद टिप्पणी की थी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कंगना की स्थिति के बारे में।
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कंगना रनौत को कोर्ट से बड़ा झटका, 15 जनवरी को पेश होना अनिवार्य

कंगना रनौत का कानूनी संकट


मुंबई: बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक पुराने मानहानि मामले में उलझ गई हैं। पंजाब के बठिंडा की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने कंगना की पेशी से छूट की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने उन्हें 15 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। यदि कंगना इस तिथि पर अदालत में नहीं पहुंचती हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है और उनकी जमानत भी रद्द हो सकती है।


किसान आंदोलन से जुड़ा मामला

यह मामला 2020-2021 के किसान आंदोलन से संबंधित है। उस समय कंगना ने सोशल मीडिया पर एक बुजुर्ग महिला किसान की तस्वीर साझा की थी। उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग प्रदर्शन की प्रसिद्ध 'बिलकिस दादी' को गलती से महिंदर कौर समझ लिया और विवादास्पद टिप्पणी की। कंगना ने कहा था कि यह महिला प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 100 रुपये में उपलब्ध है। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और विवाद खड़ा कर दिया।


महिंदर कौर का मानहानि केस

महिंदर कौर, जो कि बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडियां गांव की निवासी हैं और अब 81 वर्ष की हैं, ने जनवरी 2021 में कंगना के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि कंगना की टिप्पणी ने उनकी और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया। यह मामला कई वर्षों से चल रहा है। पहले कंगना ने अदालत में माफी मांगी थी और कहा था कि यह एक गलतफहमी थी, लेकिन महिंदर कौर ने माफी देने से इनकार कर दिया।


कोर्ट ने छूट की याचिका को किया खारिज

हाल ही में हुई सुनवाई में कंगना के वकील ने फिर से पेशी से छूट की मांग की, लेकिन शिकायतकर्ता महिंदर कौर के वकील ने इसका विरोध किया। अदालत ने छूट की याचिका को ठुकराते हुए स्पष्ट किया कि कंगना को खुद उपस्थित होना होगा। पिछली सुनवाई में भी अदालत ने कड़े रुख का प्रदर्शन किया था। कंगना रनौत मंडी से बीजेपी की सांसद हैं और इस समय अपनी फिल्मों और राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं। लेकिन यह मामला उनके लिए एक सिरदर्द बना हुआ है।


15 जनवरी पर सबकी नजरें

फैंस और सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर चर्चा जारी है। कुछ लोग कंगना का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य किसान आंदोलन की याद दिला रहे हैं। अब सभी की नजरें 15 जनवरी पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कंगना अदालत में पेश होती हैं या नहीं। यदि वह उपस्थित नहीं होती हैं, तो कानूनी कार्रवाई और भी सख्त हो सकती है।