कंवरजीत पेंटल का सोशल मीडिया पर एक्टिंग की पहचान पर सवाल
क्या टैलेंट अब पर्याप्त नहीं है?
आजकल एक्टर बनने के लिए केवल प्रतिभा ही काफी नहीं रह गई है। पहले कलाकार अपने काम के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स ही उनकी पहचान का मापदंड बन गए हैं। यह सवाल उठाया है कंवरजीत पेंटल ने, जो कभी हर घर में पहचाने जाते थे, लेकिन अब वह खुद को एक्टर मानने से इनकार कर रहे हैं।
कंवरजीत पेंटल का वायरल वीडियो
महाभारत में शिखंडी का किरदार निभाने वाले कंवरजीत पेंटल हाल ही में एक वीडियो के कारण चर्चा में हैं। इस वीडियो में उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक सार्कास्टिक रील साझा की, जिसमें उन्होंने खुद को एक्टर मानने से इनकार कर दिया।
वायरल रील में दिखी कड़वी सच्चाई
इस वीडियो में मनमीत सिंह उनसे पूछते हैं कि क्या वह एक्टर हैं। पेंटल का जवाब है कि नहीं। जब उनसे पूछा जाता है कि ऐसा क्यों, तो वह कहते हैं कि उनके इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की कमी है, इसलिए वह खुद को एक्टर नहीं मानते। यह मजाक में कहा गया, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई गहरी है।
फॉलोअर्स की अहमियत
वीडियो में आगे चर्चा होती है कि क्या जिनके पास फॉलोअर्स नहीं हैं, उन्हें एक्टर नहीं माना जाता। पेंटल स्पष्ट रूप से कहते हैं कि ऐसा नहीं है। मजाक में यह भी कहा जाता है कि एक्टिंग सीखने से ज्यादा जरूरी फॉलोअर्स बढ़ाना है। पेंटल का यह तंज दिल को छू जाता है, जब वह कहते हैं कि फॉलोअर्स तो हैं, लेकिन प्यार नहीं।
बॉलीवुड में बदलाव पर पेंटल की राय
आजकल कास्टिंग के तरीके में बदलाव आ चुका है। अब केवल एक्टिंग ही नहीं, बल्कि कलाकार की सोशल मीडिया उपस्थिति भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। कई बार प्रोड्यूसर्स कलाकार के फॉलोअर्स की संख्या और उनकी ऑनलाइन पहुंच को देखते हैं। इसका मतलब यह है कि अब टैलेंट के साथ-साथ डिजिटल पॉपुलैरिटी भी उतनी ही आवश्यक हो गई है।
यह बदलाव नए कलाकारों के लिए अवसर लेकर आया है, लेकिन अनुभवी कलाकारों के लिए यह एक चुनौती बन गया है। जो कलाकार लंबे समय से इंडस्ट्री में हैं, उनके लिए यह ट्रेंड कठिनाई पैदा कर रहा है। कई बार उन्हें केवल इसलिए काम नहीं मिल पाता क्योंकि उनकी सोशल मीडिया फॉलोइंग कम होती है। पहले मेहनत और एक्टिंग के दम पर मौके मिलते थे, लेकिन अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या असली टैलेंट पीछे छूट रहा है।
