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कीर्ति कुल्हारी का 10,000 रुपये वेतन विवाद: सोशल मीडिया पर मचा बवाल

बॉलीवुड अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी का एक पुराना इंटरव्यू वायरल होने के बाद, उनके 10,000 रुपये मासिक वेतन के बयान ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है। नेटिजन्स ने उनकी आलोचना की है, जबकि कुछ लोग उनके समर्थन में भी आए हैं। इस विवाद ने घरेलू कामकाजी के अधिकार और वेतन के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। जानें इस पर क्या प्रतिक्रियाएं आई हैं और मिनी माथुर ने क्या कहा।
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कीर्ति कुल्हारी का 10,000 रुपये वेतन विवाद: सोशल मीडिया पर मचा बवाल

कीर्ति कुल्हारी का बयान और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया


कीर्ति कुल्हारी का विवाद: बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी एक बार फिर चर्चा में हैं। उनका एक पुराना इंटरव्यू वायरल होने के बाद, नेटिजन्स ने उन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुंबई में घरेलू कामकाजी के लिए 10,000 रुपये मासिक वेतन को लेकर कीर्ति के बयान ने लोगों को नाराज कर दिया है। इस मुद्दे पर टीवी की जानी-मानी हस्ती मिनी माथुर ने भी अपनी राय व्यक्त की है।


10,000 रुपये की सैलरी पर कीर्ति का बयान


एक पुराने इंटरव्यू में, कीर्ति ने बताया कि उन्होंने यारी रोड पर नया घर लिया है और वहां घरेलू कामकाजी के लिए दरें सुनकर उन्हें आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा, 'मैं चाहती थी कि मेड दो घंटे में झाड़ू-पोछा, बर्तन, डस्टिंग और कपड़े धोने का काम करे। जब मेड ने 10,000 रुपये मांगे, तो मुझे लगा कि यह उचित नहीं है।'


कीर्ति ने यह भी कहा कि उन्हें लगा कि शायद उनकी आर्थिक स्थिति को देखकर ज्यादा पैसे मांगे जा रहे हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है, जहां कई यूजर्स इसे अमीरों की सोच करार दे रहे हैं। लोग यह भी कह रहे हैं कि मुंबई जैसे महंगे शहर में घरेलू कामकाजी का वेतन उचित होना चाहिए। कई महिलाएं अपनी कठिनाइयों को साझा कर रही हैं, कि वे कितनी मेहनत करती हैं और फिर भी समय पर वेतन नहीं मिल पाता।




इस विवाद पर मिनी माथुर ने स्पष्ट रूप से कहा, 'यह न्यूनतम वेतन से भी कम है।' उनका यह बयान भी तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, कुछ लोग कीर्ति के समर्थन में भी आए हैं, यह कहते हुए कि महंगाई के इस समय में हर कोई अपने बजट के अनुसार चलता है। दो घंटे के काम के लिए 10,000 रुपये मांगना उचित हो सकता है, खासकर यदि काम की गुणवत्ता संतोषजनक न हो। लेकिन अधिकांश लोगों की राय यह है कि घरेलू कामकाजी की मेहनत को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। मुंबई में जीवन यापन का खर्च बहुत अधिक है और ये कामकाजी लोग कई घरों में काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।


यह विवाद घरेलू कामकाजी के अधिकार, वेतन और सम्मान के मुद्दे को फिर से उजागर करता है। कीर्ति कुल्हारी का बयान, चाहे कितना भी पुराना हो, आज के समय में लोगों की भावनाओं को छू गया है। अभिनेत्री की तरफ से इस वायरल विवाद पर अभी तक कोई नया बयान नहीं आया है।