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कॉकरोच जनता पार्टी: कोंकणा सेन शर्मा ने अनफॉलो किया वायरल अकाउंट

सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' नामक एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस बीच, अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा ने इस अकाउंट को अनफॉलो कर दिया है, जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जानें इस आंदोलन की उत्पत्ति, कोंकणा का निर्णय और अन्य हस्तियों की प्रतिक्रियाएं।
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कॉकरोच जनता पार्टी: कोंकणा सेन शर्मा ने अनफॉलो किया वायरल अकाउंट

सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी का उभार

इन दिनों 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक काल्पनिक और व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस डिजिटल मुहिम में आम जनता के साथ-साथ बॉलीवुड की कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल हो चुकी हैं। हाल ही में, अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा ने इस वायरल अकाउंट को अनफॉलो कर दिया है, जिससे इंटरनेट पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि कोंकणा इस अकाउंट को छोड़ने वाली पहली प्रमुख हस्ती बनी हैं, जबकि अनुराग कश्यप, दीया मिर्जा और ईशा गुप्ता जैसे अन्य सितारे अब भी इसे फॉलो कर रहे हैं।


CJP का उदय और कोंकणा का निर्णय

CJP एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है, जिसे डिजिटल रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने आरंभ किया। यह आंदोलन मई 2026 में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणियों पर एक व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया के बाद लोकप्रिय हुआ। वर्तमान में, यह आंदोलन दो अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से संचालित हो रहा है। कोंकणा का नाम पहले इस पार्टी के फॉलोअर्स में था, लेकिन अब वह इस सूची से गायब हो गई हैं, जो उनके अनफॉलो करने का संकेत है।


CJP के फॉलोअर्स और अन्य हस्तियां

CJP के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल को फॉलो करने वालों में फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप, अभिनेत्री दीया मिर्जा, ईशा गुप्ता, फातिमा सना शेख, निर्देशक कुणाल कोहली और कॉमेडियन कुणाल कामरा शामिल हैं। इसके अलावा, टीवी जगत की कई हस्तियां जैसे उमर रियाज, उर्फी जावेद, हिमांशी खुराना और शीज़ान खान भी इस काल्पनिक राजनीतिक संगठन से जुड़ी चर्चाओं में भाग ले रही हैं।


CJP का महत्व

'कॉकरोच जनता पार्टी' हाल ही में तब चर्चा में आई जब भारत के मुख्य न्यायाधीश ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की तुलना 'कॉकरोच' और 'परजीवियों' से की। इस पर अभिजीत दिपके ने मीम-आधारित राजनीतिक व्यंग्य आंदोलन की शुरुआत की। इस आंदोलन ने बेरोजगारी, युवाओं की हताशा और डिजिटल युग में राजनीतिक विमर्श पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।