क्या है 'है जवानी तो इश्क होना है' में वरुण धवन का जादू? जानें फिल्म की खास बातें
हल्की-फुल्की कॉमेडी का नया अनुभव
नई दिल्ली: इन दिनों सिनेमा में एक्शन और गंभीर कहानियों का बोलबाला है। इसी बीच, निर्देशक डेविड धवन अपनी नई फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' के साथ दर्शकों के लिए एक हल्की-फुल्की कॉमेडी पेश कर रहे हैं। यह फिल्म दर्शकों को हंसाने और एंटरटेन करने के लिए बनाई गई है, न कि दिमागी कसरत के लिए। यदि आप हफ्ते भर की थकान के बाद कुछ मजेदार देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।
फिल्म की कहानी का सार
इस फिल्म की कहानी पूरी तरह से डेविड धवन के अनोखे अंदाज में बुनी गई है। इसमें प्यार, गलतफहमियां, कन्फ्यूजन और भरपूर कॉमेडी का तड़का है। वरुण धवन दो खूबसूरत अभिनेत्रियों, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े, के बीच उलझ जाते हैं।
इसके बाद मजेदार घटनाओं का सिलसिला शुरू होता है, जहां हर मोड़ पर नई गलतफहमियां और हास्य दृश्य देखने को मिलते हैं। कहानी में कुछ नया नहीं है, लेकिन इसे एक मजेदार तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।
डेविड धवन का पुराना जादू
डेविड धवन ने इस फिल्म में वही पुराना मसाला इस्तेमाल किया है, जिसने उन्हें कॉमेडी का बादशाह बनाया। फिल्म गंभीरता या संदेश देने का प्रयास नहीं करती, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य दर्शकों को हंसाना है, और इसमें वह काफी हद तक सफल भी होते हैं।
फिल्म का पहला भाग काफी मनोरंजक है, हालांकि दूसरे भाग में कुछ जगह कहानी थोड़ी धीमी लगती है, लेकिन क्लाइमेक्स के समय फिल्म फिर से रफ्तार पकड़ लेती है।
वरुण धवन का शानदार प्रदर्शन
फिल्म का सबसे मजबूत पहलू वरुण धवन की अदाकारी है। उन्होंने बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और ऊर्जा के साथ दर्शकों का मनोरंजन किया है। कई दृश्यों में उनकी परफॉर्मेंस पुराने कॉमेडी हीरोज की याद दिलाती है। मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े ने भी अपने किरदारों को अच्छे से निभाया है, और दोनों ने फिल्म में ग्लैमर और कॉमेडी का संतुलन बनाए रखा है।
सपोर्टिंग कास्ट का योगदान
फिल्म की सपोर्टिंग कास्ट भी काफी प्रभावशाली है। जिमी शेरगिल, मौनी रॉय, चंकी पांडे, राकेश बेदी, मनीष पॉल और राजेश कुमार ने अपने-अपने किरदारों से दर्शकों को खूब हंसाया है। इसके अलावा, जॉनी लीवर, राजपाल यादव और मनोज पाहवा जैसे कलाकारों के कैमियो ने फिल्म में अतिरिक्त मजा जोड़ा है।
क्या देखें या नहीं?
यदि आप लॉजिक से ज्यादा मनोरंजन पसंद करते हैं और परिवार के साथ बैठकर हंसना चाहते हैं, तो 'है जवानी तो इश्क होना है' आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह एक पूरी तरह से मसाला एंटरटेनर फिल्म है, जिसे बिना ज्यादा सोच-विचार के सिर्फ एंजॉय करने के लिए बनाया गया है।
