जावेद अख्तर का फेक वीडियो: क्या है सच? जानें पूरी कहानी
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
नई दिल्ली: प्रसिद्ध लेखक और गीतकार जावेद अख्तर का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में उन्हें टोपी पहने हुए दिखाया गया है, और दावा किया जा रहा है कि उन्होंने भगवान को मान लिया है। हालांकि, अख्तर ने X प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट किया कि यह एक AI द्वारा निर्मित नकली वीडियो है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस झूठे वीडियो के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का इरादा रखते हैं।
जावेद अख्तर का स्पष्टीकरण
अख्तर ने अपने ट्वीट में लिखा कि एक नकली वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें उनकी कंप्यूटर जनित तस्वीर दिखाई गई है, जिसमें टोपी है। उन्होंने इसे बकवास करार दिया और कहा कि वह इस मामले की रिपोर्ट साइबर पुलिस में करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे जिन्होंने उनकी इज्जत और विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाया है।
A fake video is in circulation showing my fake computer generated picture with a topi on my head claiming that ultimately I have turned to God . It is rubbish . I am seriously considering to report this to the cyber police and ultimately dragged the person responsible for this…
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) January 1, 2026
नेटिजन्स का समर्थन
अख्तर के ट्वीट पर सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं। एक यूजर ने लिखा कि सिर्फ टोपी पहनने से कोई धार्मिक नहीं हो जाता। वहीं, एक अन्य यूजर ने मजाक में कहा कि वीडियो बनाने वाले को खुद भगवान की जरूरत है, खासकर अपने कानूनी खर्चों के लिए।
जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी की बहस
पिछले महीने, जावेद अख्तर ने 'क्या भगवान मौजूद हैं?' विषय पर एक बहस में इस्लामिक विद्वान मुफ्ती शमाइल नदवी के साथ भाग लिया था। इस बहस के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें कुछ लोगों ने उनकी तारीफ की, जबकि कुछ ने उन्हें ट्रोल किया।
मुफ्ती शमाइल नदवी का परिचय
मुफ्ती शमाइल नदवी का पूरा नाम शमाइल अहमद अब्दुल्ला है। उनका जन्म 7 जून, 1998 को कोलकाता में हुआ। उन्होंने धर्म की पढ़ाई बचपन से ही शुरू की और दारुल उलूम नदवतुल उलेमा से 6 साल की पढ़ाई कर मुफ्ती की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने इस्लामी धर्मशास्त्र, कुरान, हदीस और इस्लामी कानून का गहन अध्ययन किया है।
