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जुनेद खान ने नेपोटिज्म पर अपनी राय साझा की

जुनेद खान ने हाल ही में नेपोटिज्म पर अपने विचार साझा किए, यह स्वीकार करते हुए कि उन्हें अपने पिता आमिर खान की विरासत के कारण कई अवसर मिले हैं। उन्होंने बताया कि कैसे प्रोड्यूसर अक्सर 'मार्केटेबल' एक्टरों को प्राथमिकता देते हैं। जुनेद ने अपनी फिल्मी यात्रा की शुरुआत 2024 में 'महाराज' से की है, जो एक महत्वपूर्ण केस पर आधारित है। इस चर्चा में जुनेद ने अपनी निजी जिंदगी और करियर के बारे में भी मजेदार बातें साझा की हैं।
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जुनेद खान ने नेपोटिज्म पर अपनी राय साझा की

नेपोटिज्म पर जुनेद खान की खुली बात

हालांकि बॉलीवुड में नेपोटिज्म पर चर्चा कम हो रही है, जुनेद खान ने इस विषय को फिर से उठाया है। आमिर खान के बेटे ने स्वीकार किया कि उन्हें इस शब्द से कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि वह जानते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में अपने पिता की विरासत के कारण उन्हें कुछ विशेष लाभ मिलते हैं। जुनेद ने यह भी कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि लगातार असफल फिल्मों के बावजूद उन्हें काम मिल रहा है।


जुनेद खान का नजरिया

हाल ही में, जुनेद ने विक्की लालवानी के यूट्यूब चैनल पर आमिर खान के बेटे होने के बारे में खुलकर चर्चा की। उन्होंने नेपोटिज्म पर चल रही बहस में अपने विचार साझा किए। जुनेद ने स्वीकार किया कि उन्हें अपने पिता के कारण कई अवसर मिलते हैं और यह सच है कि नेपोटिज्म उन्हें परेशान नहीं करता। उन्होंने कहा, 'मुझे काम मिल रहा है, तो मुझे काम करने दीजिए।'


स्टार किड्स की मार्केट वैल्यू

जुनेद ने बताया कि प्रोड्यूसर अक्सर उन एक्टरों को चुनते हैं जो 'मार्केटेबल' होते हैं। यही कारण है कि 'स्टार किड्स' को अधिक प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि लोग उन्हें पहले से जानते हैं। उन्होंने कहा कि फ़िल्ममेकर हमेशा उस एक्टर को नहीं चुनते जो रोल के लिए सबसे उपयुक्त हो, बल्कि उसे चुनते हैं जो फिल्म को सफल बनाने में मदद कर सके।


जुनेद खान का फिल्मी सफर

जुनेद ने 2024 में सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा की फिल्म 'महाराज' से अपने करियर की शुरुआत की। यह फिल्म 1862 के 'महाराज मानहानि केस' पर आधारित है, जिसमें शालिनी पांडे, शरवरी और जयदीप अहलावत ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।