जेसी बकले ने 'हैमनेट' के लिए जीता पहला ऑस्कर, बनीं पहली आयरिश विजेता
जेसी बकले का ऐतिहासिक ऑस्कर जीतना
मुंबई - आयरिश अभिनेत्री जेसी बकले ने अपनी बहुआयामी प्रतिभा और प्रभावशाली अभिनय के जरिए दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया है। हाल ही में, उन्होंने फिल्म 'हैमनेट' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का प्रतिष्ठित ऑस्कर अवॉर्ड जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है।
यह उनके करियर का पहला ऑस्कर है, और वह इस श्रेणी में पुरस्कार जीतने वाली पहली आयरिश अभिनेत्री बन गई हैं। जेसी ने इस फिल्म में विलियम शेक्सपियर की पत्नी एग्नेस का किरदार निभाया है। 'हैमनेट' एक ऐतिहासिक ड्रामा है, जिसे क्लोई झाओ ने निर्देशित किया है, और यह मैगी ओ'फारेल के उपन्यास पर आधारित है। फिल्म शेक्सपियर (पॉल मेस्कल) और उनकी पत्नी एग्नेस हैथवे (जेसी बकले) के जीवन पर केंद्रित है, जो अपने 11 वर्षीय बेटे हैमनेट की असामयिक मृत्यु के बाद गहरे शोक और पारिवारिक उथल-पुथल का सामना करते हैं।
दर्शकों और समीक्षकों ने जेसी की परफॉर्मेंस की सराहना की है, जिसमें भावनाओं पर नियंत्रण और गहराई की आवश्यकता थी, जो उनके किरदार के अंदरूनी संघर्ष को दर्शाती है। अवॉर्ड जीतने के बाद, जेसी बहुत भावुक हो गईं और स्टेज की ओर जाते समय उनकी आंखों में आंसू थे। उन्होंने अपने आंसुओं को छुपाते हुए उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया और अपनी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
क्लोई झाओ द्वारा निर्देशित 'हैमनेट' ने कई महत्वपूर्ण पुरस्कार जीते हैं, जिनमें 83वें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर-ड्रामा शामिल है। इसके अलावा, इसने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का पीपल्स चॉइस अवॉर्ड और 79वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म पुरस्कार में उत्कृष्ट ब्रिटिश फिल्म का पुरस्कार भी जीता है।
जेसी बकले ने अपने करियर की शुरुआत 2008 में की थी, जब उन्हें बीबीसी के टैलेंट शो 'आईड डू एनीथिंग' में देखा गया था। इसके बाद उन्होंने रंगमंच से लेकर फिल्मों तक का सफर तय किया। उन्हें 'वाइल्ड रोज' (2018), 'चेर्नोबिल' (2019), 'आई एम थिंकिंग ऑफ एंडिंग थिंग्स' (2020), और 'द लॉस्ट डॉटर' (2021) में उनकी भूमिकाओं के लिए सराहा गया है।
अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए, जेसी को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। 2022 में, उन्होंने 'वाइल्ड रोज' के लिए बाफ्टा पुरस्कार जीता और 'द लॉस्ट डॉटर' के लिए ऑस्कर नामांकन प्राप्त किया था, हालांकि उस बार वह पुरस्कार नहीं जीत पाईं।
