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थलपति विजय की फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज पर संकट, मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई

थलपति विजय की नई फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज अब संकट में है। मद्रास हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान, निर्माताओं ने CBFC से सर्टिफिकेट न मिलने की समस्या का सामना किया है। फिल्म को 9 जनवरी 2026 को रिलीज किया जाना था, लेकिन अब इसके भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और निर्माताओं ने क्या कदम उठाए हैं।
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थलपति विजय की फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज पर संकट, मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई

फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज पर अनिश्चितता


मुंबई: तमिल फिल्म उद्योग के प्रसिद्ध अभिनेता थलपति विजय की नई फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज अब सवालों के घेरे में आ गई है। यह फिल्म विजय की अंतिम फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि इसके बाद वे राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय हो जाएंगे। फिल्म को 9 जनवरी 2026 को पोंगल के अवसर पर रिलीज किया जाना था, लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से सर्टिफिकेट न मिलने के कारण यह संकट में है।


'जन नायकन' के निर्माताओं को हुआ बड़ा नुकसान

इस फिल्म का निर्देशन एच विनोथ ने किया है और इसे KVN प्रोडक्शंस द्वारा प्रोड्यूस किया गया है। इसमें विजय के साथ पूजा हेगड़े, ममिता बाइजू, बॉबी देओल, प्रियमणी, गौतम वासुदेव मेनन और नारायण जैसे कलाकार शामिल हैं। फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है। यह एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है, जिसमें विजय एक ईमानदार पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं।


मद्रास हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

फिल्म के ट्रेलर में शानदार एक्शन और राजनीतिक संदेश दर्शाए गए हैं, जिससे दर्शक काफी उत्साहित हैं। समस्या तब उत्पन्न हुई जब फिल्म को CBFC से UA 16+ सर्टिफिकेट मिलने के बाद एक शिकायत आई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है और सेना की गलत छवि प्रस्तुत करती है। इसके बाद CBFC ने फिल्म को रिवाइजिंग कमिटी के पास भेज दिया।


निर्माताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की

निर्माताओं ने सभी सुझाए गए कट्स को मान लिया था और फिल्म को 18 दिसंबर 2025 को सबमिट किया गया था, लेकिन 5 जनवरी 2026 को अचानक रिव्यू की बात सामने आई। इस देरी से परेशान होकर निर्माताओं ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मंगलवार (6 जनवरी) को जस्टिस पीटी आशा की बेंच में सुनवाई हुई। कोर्ट ने CBFC से शिकायत की कॉपी मांगी और पूछा कि रिलीज को कुछ दिन टाला क्यों नहीं जा सकता।


मामले की अगली सुनवाई आज

कोर्ट ने एक तमिल कहावत का उल्लेख करते हुए कहा- 'थाई पिरंदाल वजी पिरक्कुम' यानी समय के साथ रास्ता निकल आएगा। निर्माताओं ने उत्तर दिया कि रिलीज डेट पहले ही घोषित हो चुकी है और फिल्म 5000 स्क्रीन्स पर रिलीज होने वाली है। यदि देरी हुई तो लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है, साथ ही पाइरेसी का खतरा भी बढ़ जाएगा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी (बुधवार) को निर्धारित की है।