दक्षिण मैरीलैंड में मानसिक स्वास्थ्य संकट: मां ने बेटे की जान ली

एक दिल दहला देने वाली घटना
Schizophrenia Mother Killed Child: दक्षिण मैरीलैंड के 'ला प्लाटा पार्क' में एक भयावह घटना ने सबको चौंका दिया, जब मानसिक रूप से बीमार मां, रोमेशिया सिम्स, ने अपने तीन वर्षीय बेटे, जि’एयर डोनेल ली, को 44 घंटे तक झूले पर झुलाया। इस घटना में मासूम जि’एयर की जान चली गई। जांच में यह सामने आया कि बच्चे की मृत्यु डिहाइड्रेशन और हाइपोथर्मिया के कारण हुई। यह घटना 2015 में हुई थी, जिसने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को और बढ़ा दिया।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, रोमेशिया सिम्स ने अपने बेटे को 2 मई को सुबह 11:15 बजे 'ला प्लाटा पार्क' में झूले पर बैठाया था। उस समय जि’एयर जीवित था। लेकिन 44 घंटे तक झूले पर रहने के दौरान रात में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे बच्चे की मृत्यु हो गई। एक राहगीर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जि’एयर के मृत शरीर को झूले पर पाया। चार्ल्स काउंटी शेरिफ कार्यालय की प्रवक्ता डायने रिचर्डसन ने बताया, “पोस्टमॉर्टम में पाया गया कि बच्चे की मृत्यु डिहाइड्रेशन और हाइपोथर्मिया के कारण हुई। इस मामले को हत्या के रूप में दर्ज किया गया है।”
मानसिक स्वास्थ्य की चुनौती
रोमेशिया सिम्स पहले से ही सिजोफ्रेनिया से ग्रसित थीं और वह मानसिक ब्रेकडाउन का शिकार हो चुकी थीं। उनकी मां, वोंताशा सिम्स, ने इस त्रासदी के बाद मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की। वोंताशा ने फेसबुक पर जि’एयर की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “मानसिक रूप से बीमार लोगों की जरूरतों को पूरा करने की आवश्यकता है। हम कैंसर, सिकल सेल एनीमिया, उच्च रक्तचाप या नशे की लत से पीड़ित लोगों को गले लगाते हैं। लेकिन मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों को अक्सर उपेक्षित किया जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “यह एक मां, पिता, बहन, भाई, बच्चा, परिवार का सदस्य या आप स्वयं हो सकते हैं। मानसिक बीमारी हर परिवार को प्रभावित करती है। हमें उन्हें तिरस्कृत करने के बजाय संसाधन, समर्थन और प्यार देना चाहिए। प्रत्येक जीवन का एक अर्थ और उद्देश्य होता है।”
कानूनी कार्रवाई और समाज की जिम्मेदारी
2016 में, मैरीलैंड की एक अदालत ने रोमेशिया सिम्स को जेल की सजा से बचाते हुए दवा लेने और मनोचिकित्सक से नियमित परामर्श लेने का आदेश दिया। इस घटना ने समाज को यह सोचने पर मजबूर किया कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए बेहतर संसाधनों और समर्थन की आवश्यकता है। वोंताशा ने अपने बेटे की याद में एक चैरिटी शुरू करने की घोषणा की, जो मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने लिखा, “एक बच्चे को पालने के लिए पूरे गाँव की जरूरत होती है। हम अपने भाइयों और बहनों के रक्षक हैं।”