दिल्ली हाईकोर्ट ने हनी सिंह और बादशाह के विवादित गाने पर कार्रवाई की
दिल्ली हाईकोर्ट का सख्त आदेश
मुंबई: दिल्ली उच्च न्यायालय ने रैपर यो यो हनी सिंह और बादशाह के विवादास्पद गाने 'वॉल्यूम 1' पर कड़ी कार्रवाई की है। अदालत ने आदेश दिया है कि इस गाने को सभी डिजिटल प्लेटफार्मों, सोशल मीडिया और म्यूजिक स्ट्रीमिंग साइटों से तुरंत हटा दिया जाए। यह गाना 2000 के दशक में 'माफिया मुंधीर' समूह द्वारा जारी किया गया था।
हनी सिंह और बादशाह को बड़ा झटका
जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की एकल पीठ ने गाने के बोलों को 'गंभीर रूप से अश्लील, अभद्र और महिलाओं के प्रति अत्यधिक अपमानजनक' करार दिया। अदालत ने कहा कि यह गाना महिलाओं को केवल यौन वस्तु के रूप में प्रस्तुत करता है और सामाजिक मूल्यों का मजाक उड़ाता है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि 'यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है जहां न्यायालय की अंतरात्मा पूरी तरह हिल गई है। सभ्य समाज में ऐसे कंटेंट को सहन नहीं किया जा सकता।'
अदालत ने हनी सिंह, बादशाह और सभी अधिकार धारकों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि गाने का कोई भी संस्करण, रीमिक्स या हिस्सा इंटरनेट पर कहीं भी उपलब्ध नहीं रहना चाहिए।
विवाद का कारण
हिंदू शक्ति दल की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह निर्णय लिया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि हाल ही में हनी सिंह के एक कंसर्ट में इस गाने के कुछ बोल गाए गए, जिससे विवाद फिर से भड़क गया। गाने के बोल इतने अपमानजनक थे कि अदालत ने उन्हें लिखित रूप में भी दर्ज करने से मना कर दिया। अदालत ने केंद्र सरकार, सोशल मीडिया इंटरमीडियरी और म्यूजिक प्लेटफार्मों को भी निर्देश दिया कि वे इस गाने और इससे संबंधित किसी भी सामग्री को ब्लॉक करें। यदि कोई नया URL या रीमिक्स सामने आता है, तो उसे भी तुरंत हटाया जाए।
संगीत उद्योग में हनी सिंह और बादशाह दोनों ही प्रसिद्ध रैपर हैं। दोनों ने अपने करियर की शुरुआत 'माफिया मुंधीर' समूह से की थी और बाद में अलग-अलग सफल हुए। यह पुराना गाना अब फिर से चर्चा में आ गया है। अदालत का यह निर्णय बॉलीवुड और संगीत उद्योग में महिलाओं के प्रति अपमानजनक सामग्री के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शाता है।
