दीपक तिजोरी पर लगे धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
दीपक तिजोरी का नया विवाद
मुंबई: प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता दीपक तिजोरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी चर्चा का कारण कोई फिल्म नहीं, बल्कि एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला है। तिजोरी ने आरोप लगाया है कि उनकी आगामी फिल्म के लिए फंडिंग के नाम पर उनसे 5 लाख रुपये की ठगी की गई है। इस संबंध में उन्होंने मुंबई के बांगुर नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
फिल्म 'टॉम डिक एंड मैरी' की तैयारी
दीपक तिजोरी पिछले कुछ महीनों से अपनी नई हिंदी फिल्म 'टॉम डिक एंड मैरी' की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे थे। दिसंबर 2024 से वह इस प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय सहायता की तलाश में थे। इसी दौरान, उनके एक परिचित ने उनकी मुलाकात कविता शिबाग कूपर नाम की महिला से करवाई, जिसने खुद को बड़े म्यूजिक और फिल्म प्रोडक्शन हाउस T-Series से जुड़ा हुआ बताया।
मीडिया संपर्कों का दावा
दीपक तिजोरी का कहना है कि कविता ने उन्हें बताया कि उसके पास मीडिया और फिल्म उद्योग में मजबूत संपर्क हैं। उसने यह भी कहा कि उसके अच्छे रिश्ते जी नेटवर्क के लोगों से हैं। इस भरोसे पर तिजोरी ने अपनी फिल्म की पूरी जानकारी उसके साथ साझा की। बाद में उन्हें पता चला कि कविता पहले ही टी सीरीज से इस्तीफा दे चुकी थी।
प्रोड्यूसर से मुलाकात
फरवरी 2025 में कविता ने दीपक तिजोरी की मुलाकात फौजिया अर्शी से करवाई। यह मुलाकात ओशिवारा स्थित फौजिया के घर पर हुई। फौजिया ने खुद को फिल्म प्रोड्यूसर बताया और कहा कि वह जल्द ही एक एयरलाइन कंपनी शुरू करने वाली है। उसने यह भी दावा किया कि उसका प्रभाव जी नेटवर्क में है और वह वहां से एक लेटर ऑफ इंटरेस्ट दिलवा सकती है।
धोखाधड़ी का खुलासा
दीपक तिजोरी के अनुसार, फौजिया ने कहा कि इस लेटर की मदद से उन्हें फिल्म के लिए निवेशक आसानी से मिल जाएंगे। इसके बदले उसने 5 लाख रुपये की मांग की, जिसे दो किस्तों में देने को कहा गया। पहले किस्त के तौर पर तिजोरी ने 2.5 लाख रुपये का भुगतान किया। आरोपियों ने एक हफ्ते के भीतर लेटर देने का वादा किया और एक एग्रीमेंट पर साइन भी किए। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी कोई डॉक्यूमेंट नहीं दिया गया। इसके बाद आरोपी तिजोरी के फोन कॉल और मैसेज का जवाब देने से बचने लगे।
जब शक गहरा गया, तो दीपक तिजोरी ने खुद जानकारी की जांच की। जांच में पता चला कि जी नेटवर्क में मिस्टर जोशी नाम का कोई व्यक्ति काम नहीं करता। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि बड़े मीडिया नामों का इस्तेमाल केवल धोखा देने के लिए किया गया था। इस पूरे मामले के बाद तिजोरी ने बांगुर नगर पुलिस से संपर्क किया।
