धर्मेंद्र के निधन पर सनी देओल का गुस्सा, हेमा मालिनी ने किया समर्थन
धर्मेंद्र का निधन और परिवार का दुख
मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से देओल परिवार और फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई। इस कठिन समय में मीडिया और पैपराजी की निरंतर उपस्थिति ने परिवार को काफी परेशान किया। हाल ही में एक साक्षात्कार में हेमा मालिनी ने इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा की और सनी देओल के गुस्से को पूरी तरह से उचित ठहराया।
सनी देओल का पैपराजी पर गुस्सा
धर्मेंद्र को नवंबर की शुरुआत में सांस लेने में कठिनाई के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 10 नवंबर को उनकी मृत्यु की झूठी खबरें सोशल मीडिया पर फैल गईं, लेकिन हेमा मालिनी और उनकी बेटी ईशा देओल ने स्पष्ट किया कि वह ठीक हो रहे हैं। हालांकि, 24 नवंबर को उनका निधन हो गया। इस दौरान पैपराजी देओल परिवार के घर के बाहर लगातार मौजूद रहे, हर पल को कैद करने की कोशिश कर रहे थे। सनी देओल इस घुसपैठ से बेहद नाराज हो गए।
सनी का पैपराजी को फटकारना
जब सनी ने अस्पताल से घर लौटते समय पैपराजी को देखा, तो उन्होंने उन्हें फटकारते हुए कहा, 'क्या तुम लोग बेशर्म हो? प्राइवेसी का कोई सम्मान नहीं है?' उन्होंने आगे कहा, 'क्या तुम्हारे घर में भी मां-बाप नहीं हैं? तुम्हें शर्म नहीं आती?' निधन के बाद अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन के समय भी पैपराजी ने पीछा नहीं छोड़ा। हरिद्वार में सनी और बॉबी देओल अस्थियां विसर्जित करने गए, वहां भी कैमरे उनके पीछे लगे रहे। एक वीडियो में सनी गुस्से में पैपराजी से पूछते हैं, 'क्या पैसे चाहिए? बताओ कितने पैसे चाहिए?'
हेमा मालिनी का समर्थन
हेमा मालिनी ने साक्षात्कार में कहा, 'सनी बहुत परेशान और गुस्से में था। हम सभी एक भावनात्मक समय से गुजर रहे थे, लेकिन मीडिया हमारी गाड़ियों के पीछे भाग रही थी। हमें बहुत हैरेसमेंट झेलना पड़ा।' उन्होंने बताया कि परिवार को प्राइवेसी की आवश्यकता थी, लेकिन उसका सम्मान नहीं किया गया। धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार निजी रखा गया। हेमा ने कहा कि उनके अंतिम दिन बहुत दर्दनाक थे, इसलिए परिवार नहीं चाहता था कि लोग उन्हें उस स्थिति में देखें।
बॉलीवुड सितारों का अंतिम दर्शन
कई बॉलीवुड सितारों जैसे अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, और सलमान खान ने धर्मेंद्र के अंतिम दर्शन किए। हेमा मालिनी ने सनी का पक्ष लेते हुए कहा कि उनका गुस्सा पूरी तरह से सही था। बॉलीवुड में कई कलाकार पहले भी पैपराजी संस्कृति की शिकायत कर चुके हैं। धर्मेंद्र की फिल्में जैसे 'शोले' और 'चुपके चुपके' हमेशा याद की जाएंगी। वे बॉलीवुड के 'ही-मैन' थे और हमेशा अपने प्रशंसकों के दिलों में जिंदा रहेंगे।
