धुरंधर 2: रणवीर सिंह की फिल्म पर कन्नड़ एक्ट्रेस रम्या की कड़ी आलोचना
फिल्म धुरंधर 2 पर विवाद
मुंबई: रणवीर सिंह की हालिया फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन इसके साथ ही इसे लेकर आलोचनाएं भी तेज हो गई हैं। कन्नड़ अभिनेत्री और पूर्व राजनेता रम्या ने सोशल मीडिया पर इस फिल्म के बारे में अपनी कड़ी राय व्यक्त की है।
रम्या ने अपने पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा कि यह फिल्म दर्शकों के समय और पैसे की बर्बादी है। उन्होंने इसे एक ऐसी फिल्म बताया, जिसे देखकर दर्शक खुद से सवाल करने लगते हैं कि वे इसे क्यों देख रहे हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और फिल्म को लेकर नई बहस छिड़ गई।
रम्या का फिल्म पर विस्तृत रिव्यू
रम्या ने फिल्म के विभिन्न पहलुओं की आलोचना की। उन्होंने कहा कि फिल्म का निर्देशन, संवाद, संपादन और बैकग्राउंड म्यूजिक सभी औसत स्तर के हैं। उनके अनुसार, फिल्म में वह ऊर्जा और जुड़ाव नहीं है जो पहले भाग में देखने को मिला था। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि फिल्म को जल्दबाजी में बनाया गया है। दर्शकों की प्रतिक्रिया भी उन्हें निराशाजनक लगी। रम्या के अनुसार, थिएटर में मौजूद लोग फिल्म से जुड़ नहीं पा रहे थे और माहौल में निराशा स्पष्ट थी।
Just watched Dhurandhar 2 and wow! what a masterclass in how to turn something promising into an endurance test.
— Ramya/Divya Spandana (@divyaspandana) March 20, 2026
It’s like reading a textbook of the most boring subject with never-ending chapters and at some point, your brain just gives up and starts laughing out of sheer despair…
रणवीर सिंह की एक्टिंग पर सवाल
रम्या ने रणवीर सिंह के अभिनय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि फिल्म में उनकी उपस्थिति से ज्यादा उनके बाल दिखाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भाग में रणवीर का किरदार प्रभावशाली था, लेकिन इस बार उनका प्रदर्शन उतना प्रभावी नहीं लगा। उनके इस बयान ने फैंस के बीच विभिन्न प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं। कुछ लोग रम्या का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे अनावश्यक आलोचना मानते हैं।
रम्या ने फिल्म में दिखाई गई हिंसा पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म में हर चीज को हथियार के रूप में दिखाया गया है, जो इसे असहज बनाता है। उनके अनुसार, फिल्म में हिंसा का स्तर इतना अधिक है कि यह मनोरंजन के बजाय एक अजीब अनुभव बन जाता है। इसके साथ ही, उन्होंने फिल्म पर एक विशेष प्रकार के संदेश को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।
