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नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने पर राष्ट्रीय महिला आयोग का समन

राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने 'सरके चुनरी तेरी सरके' को लेकर समन जारी किया है। गाने के बोल और वीडियो को अश्लील बताने के बाद आयोग ने संबंधित कलाकारों और निर्माताओं को पेश होने का आदेश दिया है। इस विवाद में केंद्र सरकार ने भी गाने पर प्रतिबंध लगाया है। नोरा फतेही ने इस मामले में सफाई दी है कि उन्हें हिंदी वर्जन के बारे में जानकारी नहीं थी। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
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नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने पर राष्ट्रीय महिला आयोग का समन

गाने के विवाद में एनसीडब्ल्यू की कार्रवाई


मुंबई: राष्ट्रीय महिला आयोग ने हाल ही में नोरा फतेही, संजय दत्त और 'सरके चुनरी तेरी सरके' गाने के निर्माताओं को समन भेजा है। यह गाना विवादों में आ गया है, क्योंकि इसके बोल और वीडियो को अश्लील और यौन संकेतों से भरा हुआ बताया जा रहा है।


गाने का प्रमोशनल ट्रैक और सोशल मीडिया पर विरोध

यह गाना कन्नड़ फिल्म 'केडी: द डेविल' का प्रमोशनल ट्रैक है, जिसमें नोरा फतेही और संजय दत्त मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर भारी विरोध देखने को मिला, जहां लोगों ने इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ और बच्चों के लिए हानिकारक बताया। इसके चलते कई शिकायतें दर्ज की गईं, जिसके बाद एनसीडब्ल्यू ने इस मामले का संज्ञान लिया।


एनसीडब्ल्यू का समन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

एनसीडब्ल्यू ने एक बयान में कहा कि गाने में यौन संकेत देने वाले आपत्तिजनक कंटेंट मौजूद हैं, जो भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और पोक्सो एक्ट का उल्लंघन करते हैं। आयोग ने नोरा फतेही, संजय दत्त, गीतकार रकीब आलम, प्रोड्यूसर वेंकट के. नारायण और डायरेक्टर किरण कुमार को समन भेजा है। उन्हें 24 मार्च 2026 को दोपहर 12:30 बजे आयोग के समक्ष उपस्थित होना है और आवश्यक दस्तावेज लाने होंगे। यदि वे उपस्थित नहीं होते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।


अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सरकार का रुख

इससे पहले, केंद्र सरकार ने भी गाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि गाने पर बैन लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संविधान द्वारा उचित प्रतिबंध हैं और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा आवश्यक है। यह जानकारी समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया के सवाल के जवाब में दी गई।


नोरा फतेही का स्पष्टीकरण

गाने के रिलीज के बाद इसे यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। एनएचआरसी और अन्य महिला आयोगों ने भी सीबीएफसी और संबंधित मंत्रालयों को नोटिस जारी किए थे। नोरा फतेही ने विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने तीन साल पहले कन्नड़ वर्जन में गाना शूट किया था। हिंदी वर्जन के बोल और डबिंग के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी और उन्होंने इसकी अनुमति नहीं दी।


उन्होंने यह भी कहा कि वे अश्लीलता का समर्थन नहीं करतीं। यह मामला बॉलीवुड में बढ़ते विवादास्पद कंटेंट की ओर इशारा करता है। सोशल मीडिया पर कई सेलेब्स ने भी गाने की आलोचना की है। अब जांच जारी है और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखना होगा।