पंजाब में शहरी बुनियादी ढांचे का विकास: नई पहल और योजनाएं
शहरी विकास की नई दिशा
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने शहरी बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया है। चमचमाती सड़कों, प्रभावी सफाई व्यवस्था और उत्कृष्ट ड्रेनेज सिस्टम ने शहरों को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। यह राज्य शहरी परिवर्तन के एक नए युग का गवाह बन रहा है।
बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नागरिक सेवाओं में सुधार तक, सभी प्रयास नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, तेज सेवाएं और उच्च गुणवत्ता वाला जीवन प्रदान करने के लिए किए जा रहे हैं।
नगर निगमों और परिषदों में 1,300 करोड़ रुपये की लागत से 2,120 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिसे मई 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मानसून से पहले सड़कों के गड्ढों की मरम्मत के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
सुधार ट्रस्टों के लिए एकमुश्त निपटान योजना को 30 अप्रैल 2026 तक फिर से शुरू किया गया है, जिसमें नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस पर लगभग 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इससे संपत्ति मालिकों को वित्तीय राहत मिलेगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए हाउस टैक्स की वसूली 600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 500 करोड़ रुपये थी। यह वृद्धि शहरी स्थानीय निकायों की कार्यकुशलता और पारदर्शिता को दर्शाती है।
पंजाब सरकार ने शहरी अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए 7,257 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। नगर निगम विकास कोष (एमडीएफ) में भी वृद्धि हुई है, जिसके लिए अगले वित्तीय वर्ष में 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह कोष सभी शहरी स्थानीय निकायों को आवश्यक नागरिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और उन्नयन के लिए उपलब्ध होगा।
