पलक मुच्छल का 34वां जन्मदिन: संगीत और समाजसेवा की प्रेरणा
पलक मुच्छल, जो आज 30 मार्च को अपना 34वां जन्मदिन मना रही हैं, ने संगीत की दुनिया में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। महज 4 साल की उम्र में गाना शुरू करने वाली पलक ने कई हिट गाने दिए हैं और समाजसेवा में भी सक्रिय हैं। जानें उनके जीवन की कुछ दिलचस्प बातें और उनके योगदान के बारे में।
| Mar 30, 2026, 11:34 IST
पलक मुच्छल का जन्मदिन
संगीत की दुनिया में एक महत्वपूर्ण नाम बन चुकी पलक मुच्छल आज, 30 मार्च को अपने 34वें जन्मदिन का जश्न मना रही हैं। पलक ने केवल 4 साल की उम्र में गाना शुरू किया था। उनकी मधुर आवाज ने करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई है, और आज भी उनके गाने सुनने के लिए लोग उत्सुक रहते हैं। कई गानों ने यूट्यूब पर 500 मिलियन से अधिक व्यूज हासिल किए हैं। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर पलक मुच्छल के जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारियों पर नजर डालते हैं...
पलक का जन्म और परिवार
पलक मुच्छल का जन्म 20 मार्च 1992 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ। उनके पिता का नाम राजकुमार मुच्छल और मां का नाम अमृता मुच्छल है। उनके परिवार में हमेशा से संगीत का माहौल रहा है, जिसके चलते पलक ने क्लासिकल म्यूजिक की शिक्षा ली। उनकी आवाज में बचपन से ही एक खास मिठास थी, जो लोगों को तुरंत आकर्षित करती थी। छोटी उम्र में ही पलक ने मंच पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था।
पलक का पहला एल्बम
पलक ने केवल 9 साल की उम्र में अपना पहला एल्बम 'चाइल्ड फॉर चिल्ड्रन' जारी किया, जिसने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। इसके बाद उन्होंने कई एल्बम और गाने किए, जिनमें 'आओ तुम्हें चांद पर ले जाएं', 'बेटी हूं महाकाल की', 'पलकें', और 'दिल के लिए' जैसे गाने शामिल हैं। धीरे-धीरे उनकी पहचान और मजबूत होती गई।
बॉलीवुड में कदम
जब पलक ने बॉलीवुड में कदम रखा, तो सलमान खान ने उनके टैलेंट को पहचाना। उन्होंने 2011 में फिल्म 'दमादम' से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्हें फिल्म 'एक था टाइगर' के 'लापता' गाने से पहचान मिली। इसके बाद पलक ने 'गब्बर इज बैक', 'आशिकी 2', 'एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी', और 'सनम रे' जैसी फिल्मों में गाने गाए, जो सुपरहिट साबित हुए।
समाजसेवा में योगदान
पलक मुच्छल केवल एक गायिका नहीं हैं, बल्कि वे समाजसेवा के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा दिल के मरीज बच्चों के इलाज में लगाया है। अब तक वे लगभग 2000 बच्चों की सर्जरी में मदद कर चुकी हैं। इस नेक कार्य के लिए उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है।
