प्रकाश राज के खिलाफ रामायण पर विवादास्पद टिप्पणी के लिए कानूनी कार्रवाई
प्रकाश राज का विवादास्पद बयान
मुंबई: प्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर विवादों में फंस गए हैं। उनकी रामायण पर की गई टिप्पणी के चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई है। आंध्र प्रदेश के भाजपा नेता भानु प्रकाश ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
भानु प्रकाश का आरोप है कि प्रकाश राज ने रामायण को गलत तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि अभिनेता के बयान न केवल अपमानजनक हैं, बल्कि दुर्भावनापूर्ण भी हैं। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि प्रकाश राज और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
#WATCH | हैदराबाद, तेलंगाना | भाजपा नेताओं द्वारा प्रकाश राज के खिलाफ रामायण पर कथित अपमानजनक टिप्पणियों की शिकायत पर भाजपा नेता पोथिरेड्डी कृष्णकांत ने कहा, "मैं प्रकाश राज से पूछना चाहता हूं, क्या वह अन्य धार्मिक ग्रंथों पर भी ऐसा नाटक लिखने की हिम्मत करेंगे... pic.twitter.com/IUz9qldIvO
— News Media (@NewsMedia) April 20, 2026
उनका कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं। शिकायत में रामायण को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और हिंदू विश्वासों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया गया है। यह विवाद जनवरी में शुरू हुआ, जब प्रकाश राज ने केरल लिटरेचर फेस्टिवल में भाग लिया था। वहां उन्होंने एक बच्चों के थिएटर प्रदर्शन का जिक्र किया था।
इस प्रदर्शन में रामायण को एक आधुनिक और व्यंग्यात्मक दृष्टिकोण से दर्शाया गया था। राम, लक्ष्मण, रावण और शूर्पणखा जैसे पात्रों को नए रूप में प्रस्तुत किया गया। कहानी में फल, भुगतान और जीएसटी जैसे आधुनिक तत्व जोड़े गए थे। प्रकाश राज ने बताया कि बच्चों ने राम और लक्ष्मण को उत्तर भारत से आए लोगों के रूप में दिखाया। रावण के बगीचे के फल खाने पर शूर्पणखा की आपत्ति पर रावण ने कहा कि वे भूखे हैं। बाद में राम पैसे देने की बात करते हैं, लेकिन कीमत बहुत अधिक बताई जाती है, जिसमें जीएसटी भी शामिल होता है। मजाक में कहा गया कि पैसे न होने पर बीज बोकर पेड़ उगाने को कहा जाता है।
इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए। कई लोगों ने इसे रामायण का अपमान बताया। कुछ यूजर्स ने कहा कि इससे उत्तर-दक्षिण विभाजन को बढ़ावा मिल रहा है और भगवान राम का अपमान हो रहा है। प्रकाश राज ने बाद में स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने रामायण का अपमान नहीं किया, बल्कि बच्चों के थिएटर वर्कशॉप का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से बाहर निकालकर पेश किया गया है।
अभिनेता ने यह भी कहा कि वे सभी धर्मों और मान्यताओं का सम्मान करते हैं। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में भी शिकायत दर्ज की गई है। कुछ स्थानों पर 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भी भेजा गया है। यह घटना एक बार फिर से रामायण जैसे पवित्र ग्रंथ पर सार्वजनिक चर्चा और व्यंग्य की सीमा को लेकर बहस छेड़ रही है। कई लोग मानते हैं कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान आवश्यक है, जबकि कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हैं।
