प्रियदर्शन ने बॉलीवुड के एंटोरेज कल्चर पर उठाए सवाल
प्रियदर्शन का बयान बॉलीवुड में चर्चा का विषय
मुंबई: प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन ने हाल ही में बॉलीवुड के बारे में एक ऐसा बयान दिया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में नई बहस को जन्म दिया है। चार दशकों के अपने करियर में 100 से अधिक फिल्मों का निर्देशन कर चुके प्रियदर्शन ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की एक आदत पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में अभिनेताओं के साथ आने वाले बड़े एंटोरेज उन्हें बहुत परेशान करते हैं। सेट पर कई ऐसे लोग होते हैं जो बिना किसी काम के वहां मौजूद रहते हैं, जिससे काम करना कठिन हो जाता है और माहौल थका देने वाला बन जाता है।
प्रियदर्शन ने इंटरव्यू में अपनी राय साझा की
हाल ही में एक इंटरव्यू में जब प्रियदर्शन से पूछा गया कि उन्हें बॉलीवुड में क्या पसंद नहीं है, तो उन्होंने एंटोरेज कल्चर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वह किसी फिल्म के सेट पर होते हैं, तो कई बार ऐसा लगता है कि वहां जरूरत से ज्यादा लोग मौजूद हैं। प्रियदर्शन के अनुसार, यदि सेट पर तीन अभिनेता हैं, तो वहां लगभग तीस लोग ऐसे होते हैं जो केवल खड़े रहते हैं। इनका शूटिंग से कोई संबंध नहीं होता, फिर भी वे वहां होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार ये लोग कैमरे के सामने या आसपास खड़े हो जाते हैं, जिससे डायरेक्टर को अपने विजुअल्स को सही से देखने में कठिनाई होती है।
प्रियदर्शन के लिए यह चलन थकाने वाला क्यों है
प्रियदर्शन का कहना है कि बॉलीवुड में यह चलन उन्हें बहुत थका देता है। उनके अनुसार, इतने सारे लोगों का बिना काम के सेट पर होना फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को जटिल बना देता है। उन्होंने कहा कि इतने लोग सेट पर आते हैं और कोई काम नहीं करते, फिर भी पैसे लेते हैं। यही एक चीज है जो उन्हें बॉलीवुड के बारे में नापसंद है। प्रियदर्शन ने यह भी बताया कि उन्होंने दुनिया की कई फिल्म इंडस्ट्री में काम किया है, लेकिन इस तरह का माहौल कहीं और नहीं देखा।
बॉलीवुड में एंटोरेज के बारे में चर्चा पहले भी होती रही है। कई फिल्म निर्माताओं का मानना है कि अभिनेताओं के साथ आने वाले बड़े एंटोरेज का खर्च फिल्म के बजट पर अतिरिक्त दबाव डालता है। कई बार प्रोड्यूसर्स को इन लोगों के रहने, खाने और यात्रा का खर्च भी उठाना पड़ता है, जिससे फिल्म का बजट बढ़ जाता है और प्रोडक्शन पर असर पड़ता है।
