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फिल्म इक्कीस: पाकिस्तानी सैनिक के किरदार पर विवाद और दर्शकों की प्रतिक्रिया

निर्देशक श्रीराम राघवन की फिल्म इक्कीस को दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। फिल्म में जयदीप अहलावत ने एक पाकिस्तानी सैनिक का किरदार निभाया है, जो मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, फिल्म के अंत में दिखाए गए विवादास्पद डिस्क्लेमर ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। इसमें पाकिस्तान की सेना के व्यवहार और आतंकवादी गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। जानें इस फिल्म के बारे में और दर्शकों की प्रतिक्रियाएं क्या हैं।
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फिल्म इक्कीस: पाकिस्तानी सैनिक के किरदार पर विवाद और दर्शकों की प्रतिक्रिया

फिल्म इक्कीस की सकारात्मक समीक्षाएं


मुंबई: निर्देशक श्रीराम राघवन की नई फिल्म इक्कीस को समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। दर्शकों के बीच भी इस फिल्म की चर्चा जोरों पर है। यह फिल्म देशभक्ति और बलिदान की भावना पर आधारित है, जिसमें कुछ किरदार सामान्य छवि से भिन्न नजर आते हैं। इनमें से एक किरदार पाकिस्तानी सैनिक का है, जिसके बारे में अब एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है।


जयदीप अहलावत का किरदार

फिल्म में जयदीप अहलावत ने ब्रिगेडियर जान मोहम्मद निसार का किरदार निभाया है, जिसे एक मानवीय और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। कहानी में यह किरदार इंसानियत के आधार पर निर्णय लेता है और युद्ध के दौरान भी संवेदनशीलता दिखाता है। जयदीप की अदाकारी की प्रशंसा हो रही है और दर्शकों को उनका यह नया रूप भा रहा है।


डिस्क्लेमर पर विवाद

फिल्म के डिस्क्लेमर ने खींचा ध्यान


हालांकि, फिल्म के अंत में दिखाए गए डिस्क्लेमर ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। इस डिस्क्लेमर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'पाकिस्तानी ब्रिगेडियर के एम निसार का व्यवहार एक अपवाद था।' इसके साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि 'पड़ोसी देश भरोसेमंद नहीं है।' डिस्क्लेमर में पाकिस्तान की सेना पर युद्ध और शांति दोनों समय में भारत के नागरिकों और सैनिकों के प्रति शत्रुतापूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया गया है।


A disclaimer is played at the end of Ikkis. It says, Nisar, the character played by Jaideep Ahlawat, "is an exception; Pakistanis are not to be trusted".
by u/Embarrassed_Freak in BollyBlindsNGossip



जिनेवा कन्वेंशन का उल्लेख

जिनेवा कन्वेंशन का जिक्र


डिस्क्लेमर में आगे लिखा गया है कि 'पाकिस्तान की सेना द्वारा कई बार जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन किया गया है। इसमें यातना और अमानवीय व्यवहार का भी उल्लेख है।' इसके साथ यह संदेश भी दिया गया है कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियों को देखते हुए हर भारतीय नागरिक को सतर्क और तैयार रहने की आवश्यकता है। अंत में 'जय हिंद' लिखा गया है, जिसने दर्शकों के बीच देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया है।


जैसे ही यह डिस्क्लेमर लोगों के सामने आया, सोशल मीडिया पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं साझा करने लगे। कई यूजर्स ने कहा कि यह फिल्म के संदेश को संतुलित करने के लिए आवश्यक था। वहीं कुछ का मानना है कि यह डिस्क्लेमर हाल की फिल्मों के प्रभाव का परिणाम है। कई नेटिजन्स इसे धुरंधर इफेक्ट बता रहे हैं और कह रहे हैं कि अब फिल्मों में ऐसे नोट आम होते जा रहे हैं।