फिल्म 'कृष्णा' में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नया प्रयोग
फिल्म निर्माण में तकनीकी बदलाव
वर्तमान समय में फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में तेजी से बदलाव आ रहा है। पहले जहां सेट, लोकेशन और वीएफएक्स पर अधिक ध्यान दिया जाता था, वहीं अब नई तकनीकों ने इस उद्योग को पूरी तरह से बदल दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग अब फिल्मों में बड़े पैमाने पर होने लगा है। हाल ही में, फिल्म 'कृष्णा' का टीजर एनएबी शो 2026 में लॉन्च किया गया, जो इस बदलाव का एक उदाहरण है।
निर्देशन और कहानी
इस फिल्म का निर्देशन मनु आनंद कर रहे हैं, और इसमें एआई तकनीक का उपयोग कहानी के हर पहलू में किया गया है। हालांकि, फिल्म की कहानी और भावनाएं पूरी तरह से निर्देशक के दृष्टिकोण पर निर्भर हैं।
भारतीय इतिहास का प्रस्तुतीकरण
फिल्म 'कृष्णा' 'हिस्ट्रीवर्स' नामक एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसे कलेक्टिव स्टूडियोज द्वारा विकसित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारतीय इतिहास और पौराणिक कथाओं को बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करना है, जिसमें काली, कर्ण और दुर्गा जैसे प्रसिद्ध पात्रों की कहानियाँ शामिल की जाएंगी।
प्रौद्योगिकी का उपयोग
फिल्म 'कृष्णा' का निर्माण कलेक्टिव आर्टिस्ट्स नेटवर्क और जियो स्टूडियोज द्वारा किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में गैलेरी5 नामक एक विशेष एआई प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है, जिसे कलेक्टिव आर्टिस्ट्स नेटवर्क ने विकसित किया है। यह प्लेटफॉर्म माइक्रोसॉफ्ट एज्योर की उन्नत तकनीक पर आधारित है।
वैश्विक स्तर पर भारतीय कहानियाँ
फिल्म की पहली झलक माइक्रोसॉफ्ट के 'एनएबी शो 2026' में प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर जियो स्टूडियोज की प्रेसिडेंट ज्योति देशपांडे ने कहा, 'हमारा लक्ष्य हमेशा से भारतीय कहानियों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना रहा है। इस फिल्म के माध्यम से हम नई तकनीक को अपनाते हुए कहानी कहने के तरीके को और बेहतर बना रहे हैं।' कलेक्टिव आर्टिस्ट्स नेटवर्क के ग्रुप सीईओ विजय सुब्रमण्यम ने कहा कि यह फिल्म भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक नया तरीका है।
