बॉलीवुड और क्रिकेट सितारों के नाम पर 1.41 करोड़ का धोखा
मुंबई में धोखाधड़ी का मामला
मुंबई: बॉलीवुड और क्रिकेट की दुनिया से जुड़े नामों का दुरुपयोग कर एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अंबोली पुलिस ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने अभिनेत्री अथिया शेट्टी और उनके पति, क्रिकेटर केएल राहुल के नाम का गलत इस्तेमाल करते हुए, अभिनेता अरशद वारसी के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाकर एक कंपनी से 1.41 करोड़ रुपये की ठगी की।
फर्जीवाड़े का विवरण
यह धोखाधड़ी हरि मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड नामक एक विज्ञापन और प्रतिभा प्रबंधन कंपनी के साथ हुई, जिसका मुख्यालय हरियाणा में है और मुंबई के अंधेरी वेस्ट में एक शाखा है। आरोपियों में कंपनी के पूर्व सीनियर मैनेजर ऋषभ सुरेका, हुर्रे मूवीज के सीईओ यश नागरकोटी और आशय शास्त्री शामिल हैं।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, ऋषभ सुरेका ने कंपनी के आधिकारिक ईमेल का दुरुपयोग किया। उसने अथिया शेट्टी के टैलेंट मैनेजर्स से संपर्क कर खन्ना ज्वेलर्स के साथ 40 लाख रुपये का एक फर्जी विज्ञापन सौदा किया। उसने अथिया की नकली सिग्नेचर से एक समझौता तैयार किया और ज्वेलर से 15 लाख रुपये प्राप्त किए, लेकिन वह पैसे मैनेजर्स तक नहीं पहुंचाए। इसके अलावा, आरोपियों ने हवेल्स, महिंद्रा लाइफस्पेस, रियलमी और बिरला एस्टेट्स जैसी बड़ी कंपनियों के नाम पर जाली बिल भी बनाए।
फर्जी सिग्नेचर का उपयोग
अथिया और केएल राहुल की फर्जी सिग्नेचर का उपयोग करके कुछ प्रोजेक्ट्स को अप्रूवल दिखाया गया। अरशद वारसी के नाम से भी फर्जी ईमेल बनाकर अप्रूवल प्राप्त किए गए। इस प्रकार कुल 1.41 करोड़ रुपये कंपनी से निकाले गए, जिनमें से 52 लाख रुपये से अधिक सुरेका के व्यक्तिगत खाते में गए। जब कंपनी को इस धोखाधड़ी का पता चला, तो उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
सेलिब्रिटी नामों का दुरुपयोग
यह मामला दर्शाता है कि कैसे लोग सेलिब्रिटी के नाम का गलत फायदा उठाकर बड़े फ्रॉड कर रहे हैं। अथिया शेट्टी और अरशद वारसी इस मामले में पीड़ित हैं, क्योंकि उनके नाम का दुरुपयोग हुआ है। दोनों सितारों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कंपनियों को ऐसे धोखों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। डिजिटल युग में ईमेल और सिग्नेचर की जांच करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। भविष्य में जांच में और खुलासे हो सकते हैं।
