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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में नई बाधाएं: टैरिफ का असर

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में नई बाधाएं उत्पन्न हो गई हैं, जिसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा लागू किया गया 15 प्रतिशत टैरिफ है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने समझौते पर सहमति की घोषणा की थी, लेकिन नए टैरिफ ने वार्ता को प्रभावित किया है। वार्ता की तारीखें अब स्थगित कर दी गई हैं, और यह समझौता भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका उसका सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। जानें इस स्थिति का आगे क्या असर हो सकता है।
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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में नई बाधाएं: टैरिफ का असर

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में रुकावट


आज से वॉशिंगटन में शुरू होने वाली थी वार्ता, व्यापार समझौते में देरी संभव


भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते में एक बार फिर से रुकावट आ गई है। अमेरिका द्वारा लागू किए गए 15 प्रतिशत टैरिफ को इस स्थिति का मुख्य कारण माना जा रहा है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की थी कि दोनों देशों के बीच समझौते पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री ने भी इस संबंध में बयान दिए थे। लेकिन अमेरिका के नए टैरिफ ने वार्ता को प्रभावित किया है।


वार्ता की तारीखें टली

भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों की महत्वपूर्ण बैठक, जो 23 फरवरी से वॉशिंगटन में शुरू होने वाली थी, अब स्थगित कर दी गई है। इस बैठक में भारत की ओर से वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव दर्पण जैन मुख्य वार्ताकार थे। यह बैठक अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी दस्तावेज को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित की जा रही थी।


टैरिफ का प्रभाव

यह मामला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ निर्णयों से जुड़ा हुआ है। ट्रंप ने हाल ही में सभी देशों पर पहले 10% और फिर 15% तक आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। इससे पहले अमेरिका ने 2025 में भारत पर कुल 50% तक टैरिफ लगाया था, जिसमें से 25% पहले ही हटा लिया गया था।


व्यापार समझौते का महत्व

दोनों देशों ने पहले ही इस साल मार्च तक अंतरिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने और अप्रैल से इसे लागू करने का लक्ष्य रखा था। यह समझौता भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत के लगभग 18% निर्यात अमेरिका को जाते हैं। 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग 186 अरब डॉलर का रहा।


बातचीत में अनिश्चितता

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ट्रंप के पुराने टैरिफ निर्णयों को अवैध करार दिया था, जिससे व्यापार नीति में अनिश्चितता बढ़ गई है। यदि नई 15% ड्यूटी लागू होती है, तो यह पहले से लागू आयात शुल्क के ऊपर होगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी उत्पाद पर पहले 5% ड्यूटी है, तो कुल मिलाकर यह 20% हो जाएगी।