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भारत में मानसून का कहर: 34 लोगों की जान गई, बाढ़ और भूस्खलन से तबाही

भारत में मानसून ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 34 लोगों की जानें गई हैं। जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हुआ, जबकि तेलंगाना में बारिश ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ा। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जानें इस संकट के बीच राहत कार्यों की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी।
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भारत में मानसून का कहर: 34 लोगों की जान गई, बाढ़ और भूस्खलन से तबाही

मौसम का हाल: मानसून की सक्रियता

Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, वर्तमान में देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। कई राज्यों में भारी बारिश के चलते हालात बिगड़ गए हैं। बाढ़ ने कई जगहों पर तबाही मचाई है, जबकि भूस्खलन ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। विभिन्न राज्यों से अब तक बड़ी संख्या में मौतों की खबरें आई हैं।


वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा


जम्मू-कश्मीर के वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के कारण एक बड़ा हादसा हुआ है। इस घटना में 34 लोगों की जान चली गई, जिससे राज्य में मृतकों की कुल संख्या 41 तक पहुंच गई है। लगातार बारिश के कारण उत्तर भारत की कई नदियां उफान पर हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।


तेलंगाना में बारिश का रिकॉर्ड

तेलंगाना में 50 साल का रिकॉर्ड टूटा


तेलंगाना में पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कामारेड्डी और मेदक जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 44 तीन स्थानों पर धंस गया है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।


उत्तर प्रदेश में बाढ़ का असर

उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने के बाद अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। फिर भी, इसका प्रभाव तटीय क्षेत्रों पर गहरा पड़ा है। प्रदेश के 142 गांवों और 36 मोहल्लों पर बाढ़ का सीधा असर हुआ है। 76 सड़कों और कई गलियों में पानी भर गया है। अनुमान है कि लगभग डेढ़ लाख लोग इस बार बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। हालात बिगड़ने पर लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं।


वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती अब गंगा सेवा निधि की छत से की जा रही है। वहीं, मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर सीढ़ियां डूब जाने के कारण शवदाह की व्यवस्था छतों पर करनी पड़ रही है।


राजस्थान में मानसून का प्रभाव

राजस्थान भी मानसून से बुरी तरह प्रभावित 


राजस्थान में भी मानसून का प्रभाव गंभीर है। करौली, उदयपुर, प्रतापगढ़, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, भरतपुर, राजसमंद और जयपुर जिलों में लगातार बारिश हो रही है। उदयपुर के सलूंबर इलाके में एक शिक्षक बाइक समेत नदी के तेज बहाव में बह गया है, जिसकी तलाश जारी है। वहीं, भीलवाड़ा जिले के बड़लियावास में नहाने गई दो लड़कियां पानी में डूब गईं, जिनमें से एक का शव आपदा प्रबंधन दल ने बाहर निकाल लिया है.


बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित

देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई राज्यों में प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है, लेकिन बाढ़ और भूस्खलन की चुनौतियों का सामना करना अब भी जारी है।