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मणिरत्नम का 70वां जन्मदिन: सिनेमा के इस दिग्गज की यात्रा

मणिरत्नम, जो आज 70 वर्ष के हो गए हैं, ने हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी अद्वितीय पहचान बनाई है। उनके जीवन और करियर की यात्रा में कई रोचक पहलू हैं, जैसे कि उनका प्रारंभिक जीवन, फिल्मी सफर और प्रमुख उपलब्धियाँ। जानें कैसे उन्होंने सिनेमा की दुनिया में अपनी छाप छोड़ी और दर्शकों के दिलों में जगह बनाई।
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मणिरत्नम का 70वां जन्मदिन: सिनेमा के इस दिग्गज की यात्रा

मणिरत्नम का जन्मदिन

आज, 02 जून को, हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध निर्देशक मणिरत्नम अपना 70वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने कई उत्कृष्ट फिल्मों का निर्देशन किया है, जिससे उन्होंने वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा को साबित किया है। मणिरत्नम ने हिंदी, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में फिल्में बनाई हैं, और दर्शक उनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतजार करते हैं। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारियों पर नजर डालते हैं...


जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

मणिरत्नम का जन्म 02 जून 1956 को तमिलनाडु के मदुरै में हुआ। उनका पालन-पोषण मद्रास में हुआ। उनके पिता वीनस पिक्चर्स में फिल्म वितरक के रूप में कार्यरत थे। हालांकि, मणिरत्नम का इरादा फिल्म इंडस्ट्री में आने का नहीं था, इसलिए उन्होंने प्रबंधन की पढ़ाई की और एक कंपनी में सलाहकार के रूप में काम किया। लेकिन किस्मत ने उन्हें फिल्मी दुनिया में लाने का फैसला किया।


फिल्मी करियर की शुरुआत

मणिरत्नम के मित्र रवि शंकर फिल्म 'अनु पल्लवी अनु' का निर्माण कर रहे थे, और उन्होंने मणिरत्नम से स्क्रीनप्ले लिखने की मदद मांगी। मणिरत्नम ने बेहतरीन स्क्रीनप्ले लिखा, जिससे उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई। इस फिल्म में अभिनेता अनिल कपूर ने अभिनय किया था और इसे कर्नाटक के स्टेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।


प्रसिद्धि और उपलब्धियाँ

मणिरत्नम को असली पहचान तमिल फिल्म 'माउंगा रंगम' से मिली। 1987 में, उन्होंने फिल्म 'लायकन' का निर्देशन किया, जिसमें कमल हसन ने मुख्य भूमिका निभाई। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, जिसके बाद मणिरत्नम की मांग बढ़ गई। उन्हें अनोखी और विचारशील फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है, जिसमें आतंकवाद, राजनीतिक ड्रामा और क्लासिक प्रेम कहानियाँ शामिल हैं।


हिंदी सिनेमा में, मणिरत्नम ने 'दिल से', 'बॉम्बे' और 'गुरु' जैसी उल्लेखनीय फिल्में बनाई हैं। अब तक, उन्होंने 26 फिल्मों का निर्देशन किया है और उन्हें पद्मश्री सहित 6 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।