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मलयालम सिनेमा के अभिनेता कन्नन पट्टाम्बी का निधन

मलयालम फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद समाचार आया है, जिसमें प्रसिद्ध अभिनेता और प्रोडक्शन कंट्रोलर कन्नन पट्टाम्बी का निधन हो गया है। 62 वर्ष की आयु में उनका निधन किडनी संबंधी बीमारी के कारण हुआ। उनके भाई मेजर रवि ने इस खबर की पुष्टि की। कन्नन ने लगभग तीन दशकों तक सिनेमा में काम किया और कई बड़ी फिल्मों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से इंडस्ट्री में शोक का माहौल है, और फैंस तथा सेलेब्रिटी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
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मलयालम सिनेमा के अभिनेता कन्नन पट्टाम्बी का निधन

कन्नन पट्टाम्बी का निधन


मुंबई: मलयालम फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद समाचार सामने आया है। प्रसिद्ध अभिनेता और प्रोडक्शन कंट्रोलर कन्नन पट्टाम्बी का निधन हो गया है। उनकी उम्र केवल 62 वर्ष थी। 4 जनवरी 2026 की रात लगभग 11:40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे कन्नन का इलाज कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उनके बड़े भाई, फिल्म निर्माता मेजर रवि ने सोशल मीडिया पर इस दुखद घटना की पुष्टि की।


मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल

मेजर रवि ने फेसबुक पर एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने छोटे भाई को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा कि कन्नन पट्टाम्बी, जो फिल्म प्रोडक्शन कंट्रोलर थे, रात 11:41 बजे इस दुनिया को छोड़ गए। उनका अंतिम संस्कार 5 जनवरी को शाम 4 बजे पलक्कड़ जिले के न्जंगत्तिरी स्थित उनके पैतृक निवास पर होगा। मेजर रवि की इस पोस्ट पर प्रशंसकों और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने गम का इजहार किया।




कन्नन पट्टाम्बी का करियर

कन्नन पट्टाम्बी का जन्म 1964 में केरल के पलक्कड़ जिले में हुआ था। वे मलयालम सिनेमा में लगभग तीन दशकों से सक्रिय थे। एक अभिनेता के साथ-साथ वे एक कुशल प्रोडक्शन कंट्रोलर भी थे। उन्होंने कई प्रमुख फिल्मों में बैकस्टेज का महत्वपूर्ण कार्य किया। मोहनलाल और मामूट्टी जैसे सुपरस्टार्स के साथ काम करने का उन्हें अवसर मिला। उनकी कुछ प्रमुख फिल्में हैं - पुलिमुरुगन, ओडियन, कंधार, कर्म योद्धा, कुरुक्षेत्र, ब्लैक, वेट्टम और 12th मैन।


कन्नन पट्टाम्बी की पहचान

पुलिमुरुगन मलयालम की पहली 100 करोड़ क्लब फिल्म थी, जिसमें उनका योगदान महत्वपूर्ण था। अभिनय में वे ज्यादातर सहायक भूमिकाएं निभाते थे, लेकिन उनकी उपस्थिति हर दृश्य को मजबूत बनाती थी। प्रोडक्शन के क्षेत्र में उन्होंने शाजी कैलास, वीके प्रकाश, संतोष सिवन जैसे निर्देशकों के साथ काम किया। अपने भाई मेजर रवि की फिल्मों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेजर रवि, जो पूर्व आर्मी ऑफिसर हैं, ने कई मिलिट्री थीम वाली फिल्में बनाई और कन्नन उनके लिए एक मजबूत सहारा थे।


श्रद्धांजलि का दौर

कन्नन की अंतिम फिल्म राचेल जल्द ही रिलीज होने वाली है। उनका निधन मलयालम सिनेमा के लिए एक बड़ा नुकसान है। वे एक शांत स्वभाव के और मेहनती व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। इंडस्ट्री के साथी उन्हें एक भरोसेमंद प्रोफेशनल मानते थे। सोशल मीडिया पर फैंस और सेलेब्रिटी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।