मलयालम सिनेमा के दिग्गज ईए राजेंद्रन का निधन
ईए राजेंद्रन का निधन
प्रसिद्ध मलयालम अभिनेता और निर्देशक ईए राजेंद्रन का निधन 26 मार्च 2026 को हुआ। उन्होंने कोल्लम के पट्टाथानम में अपने निवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर ने फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में गहरा शोक पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, वह लंबे समय से बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था।
उनकी उम्र 71 वर्ष थी जब उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा। उनका अंतिम संस्कार त्रिशूर के त्रिथल्लूर में किया जाएगा, जहां उनके परिवार और करीबी लोग उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
ईए राजेंद्रन: एक बहुआयामी कलाकार
ईए राजेंद्रन केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि एक उत्कृष्ट निर्देशक और थिएटर आर्टिस्ट भी थे। उन्होंने अपने करियर में फिल्मों के साथ-साथ टेलीविजन और नाटकों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय की शिक्षा ली थी, जो उनकी कला के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
राजेंद्रन का करियर थिएटर से शुरू हुआ, और वह कोल्लम के कालिदास कलाकेंद्रम से जुड़े रहे, जहां उन्होंने कई नाटकों का निर्देशन किया। उन्हें 1987 में बेस्ट नाटक के लिए राज्य सरकार का पुरस्कार भी मिला। उन्होंने 1981 में फिल्म 'ग्रीष्मम' से अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई।
फिल्मों में उनकी पहचान
फिल्मों से लंबे समय तक दूर रहने के बाद, उन्होंने 'कलियाट्टम' से वापसी की, जिसे निर्देशक जयराज ने बनाया था। इसके बाद उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'प्रणयवर्णंगल', 'पट्टाभिषेकम' और 'दया' शामिल हैं। उन्होंने लगभग 60 फिल्मों में काम किया और खलनायक से लेकर चरित्र अभिनेता तक की भूमिकाएं निभाईं।
ईए राजेंद्रन एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते थे और वे अभिनेता तथा विधायक मुकेश के जीजा थे। उनके परिवार में कई लोग कला और सिनेमा से जुड़े रहे हैं, जिसने उनके करियर को मजबूती प्रदान की।
