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मीका सिंह की सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों की भलाई के लिए अपील

प्रसिद्ध गायक मीका सिंह ने भारत के सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों की भलाई के लिए एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने 10 एकड़ जमीन दान करने की पेशकश की है, जिससे कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाया जा सके। इस अपील के माध्यम से उन्होंने कुत्तों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित लोगों की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। यह मामला तब सामने आया है जब अदालत में आवारा कुत्तों से संबंधित सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा चल रही है।
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मीका सिंह की सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों की भलाई के लिए अपील

मीका सिंह की भावुक अपील


मुंबई: प्रसिद्ध गायक और संगीतकार मीका सिंह ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में आवारा कुत्तों की भलाई के लिए एक भावुक अपील की है। देशभर में आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर चल रही सुनवाई के दौरान, मीका का यह कदम चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि किसी भी ऐसे कदम से बचा जाए जो कुत्तों की भलाई को नुकसान पहुंचा सकता है।


10 एकड़ जमीन दान करने की पेशकश

मीका सिंह ने अपने लिखित सबमिशन में स्पष्ट किया कि उनके पास कुत्तों की देखभाल के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने की पेशकश है। इस भूमि पर शेल्टर होम बनाए जा सकते हैं, जहां आवारा और छोड़े गए कुत्तों को सुरक्षित वातावरण, चिकित्सा सहायता और भोजन मिल सकेगा।


प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं की आवश्यकता

प्रशिक्षित लोगों की जरूरत पर जोर


सिंगर ने यह भी बताया कि केवल जमीन देना ही समाधान नहीं है। शेल्टर को सही तरीके से चलाने के लिए प्रशिक्षित व्यक्तियों और जिम्मेदार देखभालकर्ताओं की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि पशु कल्याण के लिए एक व्यवस्थित और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। यदि देखभाल सही हाथों में हो, तो कुत्तों और इंसानों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।




आवारा कुत्तों की समस्या पर बढ़ती चिंताएं

आवारा कुत्तों को लेकर बढ़ती चिंताएं


यह अपील उस समय आई है जब सुप्रीम कोर्ट में सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों से उत्पन्न खतरों पर गंभीर चर्चा चल रही है। कुत्तों के काटने की घटनाएं, रेबीज का खतरा और नगर निगमों की कमजोर व्यवस्थाओं पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। अदालत के सामने चुनौती यह है कि वह जनता की सुरक्षा और जानवरों की भलाई के बीच संतुलन बनाए।


इस महत्वपूर्ण मामले में अनुभवी अभिनेत्री शर्मिला टैगोर भी याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं। उनकी याचिका आवारा कुत्तों के प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों को उठाती है। अदालत यह जांच कर रही है कि पहले दिए गए निर्देशों में किसी प्रकार के बदलाव की आवश्यकता है या नहीं।