राघव चड्ढा की पितृत्व अवकाश की मांग पर परिणीति चोपड़ा का समर्थन
राघव चड्ढा का महत्वपूर्ण मुद्दा
मुंबई: राघव चड्ढा ने संसद में एक ऐसा मुद्दा उठाया है, जो परिवार और समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने की अपील की और कहा कि बच्चों की देखभाल केवल मां की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि माता-पिता दोनों को समान रूप से जिम्मेदारी निभानी चाहिए, ताकि बच्चों को सही माहौल मिल सके।
परिणीति चोपड़ा का समर्थन
इस पहल पर परिणीति चोपड़ा ने अपने पति की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने राघव के इस कदम की प्रशंसा की। परिणीति ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि एक पिता के दिल से निकली बात है। उन्होंने बताया कि वह अपने पति को एक जिम्मेदार पिता के रूप में देखती हैं।
पेरेंटिंग को साझा जिम्मेदारी बताया
परिणीति ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि बच्चे की परवरिश दोनों माता-पिता की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चे के जन्म के साथ ही पिता का भी जन्म होता है। इस प्रकार, दोनों का बराबर साथ होना आवश्यक है। उनके इस विचार ने सोशल मीडिया पर कई लोगों को प्रभावित किया और कई यूजर्स ने इस सोच का समर्थन किया।
कानूनी बदलाव की आवश्यकता
राघव चड्ढा ने अपने भाषण में यह भी कहा कि आज भी कई परिवारों में बच्चों की देखभाल का पूरा बोझ मां पर ही होता है। उन्होंने इस असंतुलन को समाप्त करने के लिए कानून में बदलाव की आवश्यकता बताई। उनका मानना है कि यदि पितृत्व अवकाश को कानूनी मान्यता मिलती है, तो इससे परिवारों को काफी राहत मिलेगी और माताओं को भी सहयोग मिलेगा।
परिणीति चोपड़ा का व्यक्तिगत अनुभव
परिणीति ने अपने संदेश में यह भी बताया कि उन्होंने और राघव ने इस विषय पर कई बार चर्चा की है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे को दोनों माता-पिता का पूरा समर्थन मिलना चाहिए। यही सोच राघव के भाषण में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। यह बयान केवल एक सार्वजनिक मुद्दा नहीं, बल्कि उनके व्यक्तिगत अनुभव से भी जुड़ा हुआ था।
परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा ने 2023 में उदयपुर के द लीला पैलेस में शादी की थी। यह शादी भले ही निजी थी, लेकिन काफी भव्य रही। शादी के दो साल बाद, 2025 में उनके घर बेटे नीर का जन्म हुआ, जिसके बाद दोनों की जिंदगी में एक नया अध्याय शुरू हुआ।
