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राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले में किया आत्मसमर्पण, बढ़ी मुश्किलें

बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव ने चेक बाउंस के एक पुराने मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर आत्मसमर्पण कर दिया है। यह मामला 2010 का है, जब उन्होंने अपनी फिल्म के लिए ऋण लिया था। कोर्ट ने बार-बार राहत देने से मना कर दिया, जिसके बाद उन्हें जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और बकाया राशि के बारे में।
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राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले में किया आत्मसमर्पण, बढ़ी मुश्किलें

राजपाल यादव की बढ़ती मुश्किलें


मुंबई: कॉमेडी के लिए मशहूर अभिनेता राजपाल यादव की समस्याएं बढ़ गई हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद, उन्होंने चेक बाउंस के एक पुराने मामले में आत्मसमर्पण कर दिया है। यह घटना 4-5 फरवरी 2026 के आसपास हुई, जब अदालत ने उन्हें बार-बार राहत देने से मना कर दिया और आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।


चेक बाउंस केस में आत्मसमर्पण

यह मामला 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म 'अता पता लापता' के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके कारण ऋण चुकाने में देरी हुई और दिए गए चेक बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत मामला दर्ज किया।


दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश

ट्रायल कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई। उन्होंने इसके खिलाफ अपील की, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने कई बार उनके पक्ष में राहत नहीं दी। अदालत ने यह भी कहा कि राजपाल यादव ने पहले कई बार समझौते का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। फरवरी 2026 में अदालत ने स्पष्ट किया कि अब कोई और मोहलत नहीं दी जाएगी।


बकाया राशि का बढ़ता आंकड़ा

4 फरवरी को शाम 4 बजे तक तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया गया। राजपाल यादव ने कुछ समय मांगा और 50 लाख रुपये का इंतजाम करने की बात कही, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने कहा कि बार-बार वादे तोड़ने पर अब कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। आदेश के बाद, राजपाल यादव ने अदालत में कहा कि वे आत्मसमर्पण कर देंगे। इसके बाद उन्होंने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। अब वे सजा काटेंगे या आगे कानूनी विकल्प तलाशेंगे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, कुल बकाया राशि 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, लेकिन मुख्य मामला 50 लाख रुपये या इससे जुड़े चेक बाउंस का है।