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राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष और संघ के शताब्दी समारोह का भव्य आयोजन

गाज़ियाबाद में 15 मार्च को आयोजित वंदे मातरम समारोह ने संघ के शताब्दी वर्ष का जश्न मनाया। इस भव्य कार्यक्रम में संगीत महाविद्यालय के छात्रों ने अद्भुत प्रस्तुतियाँ दीं, जिसमें उस्ताद जौहर अली का वायलिन वादन भी शामिल था। 50 से अधिक कला- मनीषियों को सम्मानित किया गया। जानें इस समारोह की खास बातें और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों के बारे में।
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राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष और संघ के शताब्दी समारोह का भव्य आयोजन

गाज़ियाबाद में वंदे मातरम् समारोह

सुशील कुमार शर्मा


ग़ाज़ियाबाद: 15 मार्च को इनमेंटेक कॉलेज डासना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष और राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वी एन भातखण्डे संगीत महाविद्यालय द्वारा वंदे मातरम् समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने की, जबकि कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। सबसे पहले, चैती शर्मा ने 24 रागों पर आधारित देवी रागमाला का गायन किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संघ का गणगीत 'अरुणोदय हो चुका' वीर महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया।



ज्योति सेवा न्यास के छात्रों ने 'देश हमें देता है सब कुछ' गीत गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके बाद, 'सतरंगी रंगों सा उज्वल सा पावन ऐसा देश हमारा' गाकर तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी। शांति की कामना करते हुए गाया गया 'एक बाग है ये दुनिया की' गीत भी खूब सराहा गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बर्मिंघम सिटी से आए उस्ताद जौहर अली रहे, जिन्होंने वायलिन पर राग किरवानी और राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन प्रस्तुत की, जिससे सभी भाव-विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने दुनिया भर में अपनी प्रस्तुति दी है और भारतीय शास्त्रीय संगीत की अनोखी विशेषताओं की सराहना की।


राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष और संघ के शताब्दी समारोह का भव्य आयोजन


कार्यक्रम के अध्यक्ष मयंक गोयल ने सभी कलाकारों और अतिथियों का धन्यवाद किया। मुख्य अतिथि सुनील शर्मा ने कहा कि यह विद्यालय संगीत के प्रचार-प्रसार में निरंतर कार्यरत है और इसे और व्यापक स्तर पर पहुँचाने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। अंत में, 50 छात्रों ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन किया। सतीश कुमार ने कीबोर्ड, चरणजीत सिंह ने ऑक्टोपैड, डॉ. प्रीति त्रिगुणायत ने तबला और हारमोनियम, जबकि मुकुल, आयुष और कविश ने तबला और चैती शर्मा ने हारमोनियम पर संगत की। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ज्योति शर्मा ने कार्यक्रम का सुंदर संचालन किया।


राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष और संघ के शताब्दी समारोह का भव्य आयोजन


इस अवसर पर डॉ. माला कपूर, वीनू चौधरी, हरिओम शर्मा, महेश गोयल, ललित जायसवाल, सुभाष गर्ग, डॉ. आर के पोद्दार, डॉ. मधु पोद्दार, के सी गुप्ता, डॉ. तारा गुप्ता, महेश गोयल, पत्रकार सुशील शर्मा, सलामत मियाँ, कुलदीप व विमल कुमार, डॉ. महेश व्हाइट, डॉ. गोपाल शर्मा, पं. ज्ञानेन्द्र शर्मा, अशोक शर्मा, डॉ. संजीव रसानिया, डॉ वीणा मित्तल, डॉ मधु श्रीवास्तव, डॉ. निवेदिता शर्मा, डॉ अनुराग सिंघल, डॉ. अनुपम भारद्वाज, विपिन राठी, रश्मि गोयल, फाल्गुनी नियोगी, आभा बंसल, अलका कौशिक, दीपक शर्मा, एम के सेठ, राघवेंद्र गौतम, डॉ. अलका अग्रवाल, शिवम शर्मा, आलोक कुमार, डॉ. सलिल श्रीवास्तव सहित 50 से अधिक लोगों को कला- मनीषी सम्मान दिया गया। पुनीत शर्मा, अभय शर्मा, नवीन शर्मा, मनोज गुप्ता सत्यम ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लगभग 3 घंटे तक चले इस कार्यक्रम की सभी ने सराहना की।