रेमो डिसूजा ने धर्म परिवर्तन की अफवाहों का किया खंडन
रेमो डिसूजा का खुलासा
मुंबई: फिल्म उद्योग में सितारों की व्यक्तिगत जिंदगी अक्सर चर्चा का विषय बन जाती है, विशेषकर जब यह धर्म और रिश्तों से जुड़ी होती है। रेमो डिसूजा के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। लंबे समय से यह कहा जा रहा था कि उन्होंने अपनी पत्नी के लिए धर्म बदला है। अब रेमो ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है।
धर्म परिवर्तन की सच्चाई
रेमो डिसूजा ने हाल ही में एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी पत्नी लिजेल डिसूजा के लिए धर्म परिवर्तन नहीं किया। उन्होंने बताया कि उनका जन्म रमेश गोपी नायर के नाम से हुआ था, लेकिन उन्होंने बहुत पहले ही ईसाई धर्म को अपनाया था। इसलिए शादी के बाद धर्म बदलने की बात पूरी तरह से गलत है।
15 साल की उम्र में लिया बड़ा निर्णय
रेमो ने साझा किया कि जब वह गुजरात के जामनगर में रहते थे, तब वह चर्च से जुड़े कई कार्यों में शामिल थे। वह वहां प्रदर्शन करते थे, लोगों की सहायता करते थे और दान भी देते थे। इसी दौरान एक फादर ने उनसे कहा कि जब वह चर्च के लिए इतना कुछ कर रहे हैं, तो क्यों न वह धर्म अपना लें। इसके बाद उन्होंने अपनी इच्छा से ईसाई धर्म अपनाने का निर्णय लिया।
जब रेमो ने अपने पिता से इस बारे में चर्चा की, तो उनके पिता का उत्तर सरल था। उन्होंने कहा कि नाम मत बदलो, लेकिन जो करना है करो। यह दर्शाता है कि उनके परिवार ने उनके निर्णय को स्वीकार किया और उन्हें अपनी पसंद का रास्ता चुनने की स्वतंत्रता दी।
लिजेल के साथ अनोखी प्रेम कहानी
रेमो और लिजेल की प्रेम कहानी भी काफी दिलचस्प है। दोनों ने शादी से पहले एक साथ रहने का निर्णय लिया, जो उस समय समाज में सामान्य नहीं था। उनका पहला बच्चा भी शादी से पहले ही हुआ था। इसके बावजूद, उन्होंने अपने रिश्ते को मजबूत बनाए रखा और 1999 में शादी कर ली।
उस समय लिव-इन रिलेशनशिप को समाज में सही नहीं माना जाता था। लिजेल के पिता भी इस रिश्ते के खिलाफ थे। लेकिन दोनों ने अपने प्यार को चुना और साथ रहने का निर्णय लिया। उन्होंने समाज के दबाव को पार करते हुए अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी।
