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वर्ल्ड डांस डे: कलाकारों ने नृत्य के महत्व को बताया

वर्ल्ड डांस डे के अवसर पर, विभिन्न टीवी शो के कलाकारों ने नृत्य के महत्व को साझा किया। उन्होंने बताया कि डांस केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक अभिव्यक्ति का माध्यम है जो तनाव को कम करता है और खुशी फैलाता है। अमनदीप सिद्धू से लेकर आयुषी खुराना तक, सभी ने नृत्य की शक्ति और उसकी व्यक्तिगत यात्रा को साझा किया। जानें और कैसे डांस ने उनके जीवन को प्रभावित किया।
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वर्ल्ड डांस डे: कलाकारों ने नृत्य के महत्व को बताया

नृत्य की सार्वभौमिक भाषा का जश्न

मुंबई, 28 अप्रैल। दुनिया भर में 'वर्ल्ड डांस डे' का उत्सव मनाया जा रहा है, जो नृत्य की उस सार्वभौमिक भाषा को समर्पित है जिसमें सीमाओं और संस्कृतियों का कोई बंधन नहीं होता। इस खास मौके पर ज़ी टीवी के चर्चित शो 'गंगा माई की बेटियां', 'जाने अनजाने हम मिले' और 'लक्ष्मी निवास' जैसे धारावाहिकों के कलाकारों ने अपनी जिंदगी में डांस की अहमियत को रेखांकित किया। इन कलाकारों के लिए डांस केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि एक थेरेपी और खुद को अभिव्यक्त करने का सबसे खूबसूरत जरिया है।


अमनदीप सिद्धू की कथक सीखने की चाहत

'गंगा माई की बेटियां' की मुख्य अभिनेत्री अमनदीप सिद्धू ने अपनी एक निजी इच्छा साझा करते हुए बताया कि वे लंबे समय से 'कथक' सीखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कथक की नजाकत और अनुशासन उन्हें हमेशा से आकर्षित करता रहा है। वहीं, 'सरू' फेम मोहक मटकर ने बताया कि वे एक ट्रेंड क्लासिकल डांसर हैं। मोहक के अनुसार, बचपन से लिए गए डांस के प्रशिक्षण ने उन्हें एक बेहतर परफॉर्मर के रूप में गढ़ा है, जिससे वे डायलॉग्स से परे जाकर केवल अपने शारीरिक हाव-भाव (Body Language) से जज्बात बयां कर पाती हैं।


तनाव मिटाने और खुशी बांटने का जरिया

'लक्ष्मी निवास' की अक्षिता मुद्गल और 'तुम से तुम तक' की निहारिका चौकसे ने डांस को 'हैप्पी पिल्स' की तरह बताया। अक्षिता का कहना है कि शूटिंग की थकान और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच डांस उन्हें खुद से जोड़ता है और पल भर में उनका मूड बेहतर कर देता है। निहारिका का मानना है कि हर व्यक्ति के भीतर एक डांसर छिपा होता है और वर्ल्ड डांस डे उस आंतरिक लय को पहचानने का बेहतरीन अवसर है। सायंतनी घोष ने भी सुर और ताल के प्रति अपनी दीवानगी जाहिर करते हुए कहा कि बिना एक शब्द बोले मूवमेंट से कहानी कहना किसी जादू से कम नहीं है।


अभिनय में डांस की अहमियत

आयुषी खुराना ने 'जाने अनजाने हम मिले' के सेट पर होने वाले डांस सीन्स को याद करते हुए बताया कि ये पल उनके लिए सबसे ज्यादा यादगार होते हैं। एक एक्टर के तौर पर डांस न केवल स्क्रीन पर रंग भरता है, बल्कि को-स्टार्स के साथ तालमेल बिठाने में भी मदद करता है। इन सभी कलाकारों का एक सुर में मानना है कि डांस अभिव्यक्ति का वह स्वतंत्र रूप है, जो इंसान को सबसे ज्यादा 'जिंदा' महसूस कराता है। इस विशेष दिन पर सभी सितारों ने अपने फैंस को भी खुलकर नाचने और जीवन का जश्न मनाने का संदेश दिया।