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विवेक अग्निहोत्री की नई फिल्म 'ऑपरेशन सिंदूर' की घोषणा

फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने अपनी नई फिल्म 'ऑपरेशन सिंदूर' की घोषणा की है, जो जम्मू-कश्मीर में हुए एक आतंकवादी हमले और भारत की सैन्य प्रतिक्रिया पर आधारित है। यह फिल्म लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ढिल्लों की किताब पर आधारित है और इसका उद्देश्य सच्चाई को उजागर करना है। जानें इस फिल्म की कहानी और इसके पीछे का उद्देश्य।
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विवेक अग्निहोत्री की नई फिल्म 'ऑपरेशन सिंदूर' की घोषणा

विवेक अग्निहोत्री की नई फिल्म का ऐलान

फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' और 'द बंगाल फाइल्स' के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपनी आगामी फिल्म की घोषणा की है। यह फिल्म 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित होगी, जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकवादी हमले और उसके बाद भारत की सैन्य प्रतिक्रिया की वास्तविक कहानी को दर्शाएगी। इस प्रोजेक्ट को विवेक अग्निहोत्री की प्रोडक्शन कंपनी और भूषण कुमार की टी-सीरीज मिलकर तैयार कर रहे हैं।


विवेक अग्निहोत्री का बयान

सोशल मीडिया पर फिल्म की घोषणा करते हुए, विवेक अग्निहोत्री ने बताया कि यह कहानी पूरी तरह से ग्राउंड रिसर्च पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी कहानी है जिसने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के मायने बदल दिए और पाकिस्तान के परमाणु दावों की सच्चाई को उजागर किया।


फिल्म की प्रेरणा

यह फिल्म लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. टाइनी ढिल्लों की किताब 'ऑपरेशन सिंदूर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज़ डीप स्ट्राइक्स इनसाइड पाकिस्तान' पर आधारित है। अग्निहोत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य शोर मचाना नहीं, बल्कि सच्चाई को सिनेमा के माध्यम से दुनिया के सामने लाना है।


ऑपरेशन सिंदूर का पृष्ठभूमि

ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में भारत द्वारा शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था। यह अभियान 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का प्रतिशोध था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान गई थी। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की शाखा 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' को जिम्मेदार ठहराया।


भारत की सैन्य प्रतिक्रिया

इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना ने मिलकर एक बड़ा हमला किया। भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान और पीओके में घुसकर आतंकियों के नौ ठिकानों को नष्ट कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक तनाव बना रहा, जिसके कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में ब्लैकआउट और हवाई हमलों के सायरन सुनाई देने लगे।