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विवेक अग्निहोत्री ने 'धुरंधर' फिल्म की सराहना की, कहा गर्व महसूस हुआ

विवेक अग्निहोत्री ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' देखी और इसके प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने फिल्म को देखकर गर्व और हैरानी का अनुभव किया। अग्निहोत्री ने फिल्म के प्रोडक्शन डिजाइन, संगीत और सिनेमैटोग्राफी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि 'धुरंधर' जैसी फिल्में संयोग से नहीं बनतीं और इसके पीछे एक मजबूत दृष्टिकोण होता है। जानें उनके विचार और फिल्म की विशेषताएँ।
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विवेक अग्निहोत्री ने 'धुरंधर' फिल्म की सराहना की, कहा गर्व महसूस हुआ

विवेक अग्निहोत्री की 'धुरंधर' पर प्रतिक्रिया


मुंबई: 'द कश्मीर फाइल्स' के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने भारत लौटने के बाद सबसे पहले आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' देखी। वह पिछले दो महीनों से विदेश में थे। भारत लौटते ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फिल्म के बारे में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि फिल्म देखकर उन्हें हैरानी और गर्व दोनों महसूस हुआ।


अग्निहोत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि दो महीने बाद भारत लौटकर उन्होंने 'धुरंधर' देखी। उनके अनुसार, हैरानी और गर्व ही दो शब्द हैं जो फिल्म देखने के बाद उनके मन में आए। उन्होंने कहा कि जो लोग फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को समझते हैं, वे जानते हैं कि इस स्तर की फिल्म बनाना कितना चुनौतीपूर्ण होता है।


रणवीर सिंह की 'धुरंधर' पर विवेक अग्निहोत्री की राय

अग्निहोत्री ने कहा कि 'धुरंधर' जैसी फिल्में संयोग से नहीं बनतीं। इसके पीछे एक मजबूत दृष्टिकोण, गहरी लेखन और अपनी अंतर्दृष्टि पर भरोसा करने की क्षमता होती है। उन्होंने स्वीकार किया कि आदित्य धर ने जिस आत्मविश्वास के साथ इस फिल्म का निर्माण किया है, वह आज के सिनेमा में दुर्लभ है।


फिल्म के प्रोडक्शन डिजाइन की भी उन्होंने प्रशंसा की। उन्होंने सैनी एस जोहरे के काम को 'पाथब्रेकिंग' बताया और कहा कि यह केवल सजावट नहीं, बल्कि कहानी कहने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके साथ ही, उन्होंने शाश्वत सचदेव के संगीत को नवोन्मेषी और भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ बताया। उनके अनुसार, संगीत ने फिल्म के प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया।


सिनेमैटोग्राफी की प्रशंसा

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी पर विवेक अग्निहोत्री ने विकास नौलखा की तारीफ की। उन्होंने कहा कि 'धुरंधर' की सिनेमैटोग्राफी युवा डीओपी के लिए एक नई टेक्स्टबुक की तरह है। हर फ्रेम सोच-समझकर बनाया गया है और यह कहानी को मजबूती प्रदान करता है।


अग्निहोत्री ने परफॉर्मेंस पर भी एक अलग टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ किरदारों पर ज्यादा चर्चा होगी, लेकिन 'धुरंधर' की असली सफलता इसके छोटे और मामूली किरदारों में है। उनके अनुसार, हर कलाकार को सोच-समझकर कास्ट किया गया है और सभी ने शानदार अभिनय किया है। उन्होंने कहा कि फिल्म के हर विभाग में बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है।


आदित्य धर के निर्देशन की सराहना

आदित्य धर के निर्देशन पर विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि वह पहले भी उनके काम की सराहना कर चुके हैं, लेकिन इस फिल्म में वह एक नए स्तर पर नजर आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने 'धुरंधर' को गर्व के साथ देखा है और उन्हें आदित्य धर पर गर्व है। इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय सिनेमा पर भी गर्व व्यक्त किया।