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शर्मिला टैगोर: पहली बिकिनी अभिनेत्री जिसने भारतीय सिनेमा में क्रांति लाई

शर्मिला टैगोर, भारतीय सिनेमा की पहली बिकिनी अभिनेत्री, ने अपने बोल्ड फैसलों से न केवल फिल्म उद्योग में बल्कि समाज में भी हलचल मचाई। 1967 में बिकिनी पहनकर फोटोशूट कराने के बाद, उन्होंने एक नई बहस को जन्म दिया। उनके जीवन में प्यार और विवाह की कहानी भी है, जिसमें उन्होंने मंसूर अली खान के लिए इस्लाम अपनाया। जानें उनकी यात्रा के बारे में, जो साहस, प्यार और विरासत की कहानी है।
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शर्मिला टैगोर: पहली बिकिनी अभिनेत्री जिसने भारतीय सिनेमा में क्रांति लाई

शर्मिला टैगोर: भारतीय सिनेमा की Bold Icon


भारतीय सिनेमा ने कई अदाकारों को देखा है जिन्होंने अपने काम से नई परिभाषाएं दी हैं, लेकिन शर्मिला टैगोर ने अपनी बोल्डनेस से सभी को चौंका दिया। जब दुपट्टा खिसकने पर भी विवाद होता था, तब उन्होंने बिकिनी पहनकर एक नई बहस को जन्म दिया। यह उनकी कहानी है, जिसने बॉलीवुड को हमेशा के लिए बदल दिया।


शुरुआत 13 साल की उम्र में

शर्मिला टैगोर: पहली बिकिनी अभिनेत्री जिसने भारतीय सिनेमा में क्रांति लाई


शर्मिला टैगोर का जन्म 8 दिसंबर, 1944 को रवींद्रनाथ टैगोर के परिवार में हुआ। उन्होंने मात्र 13 वर्ष की आयु में सत्यजीत रे की फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि, 1964 में आई फिल्म 'कश्मीर की कली' ने उन्हें हर घर में पहचान दिलाई।


बॉलीवुड के दिग्गजों के साथ काम

शर्मिला ने अपनी सफलता के बाद धर्मेंद्र के साथ 'अनुपमा' जैसी फिल्मों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन और शशि कपूर जैसे बड़े सितारों के साथ भी काम किया। दिलचस्प बात यह है कि शर्मिला ने खुद स्वीकार किया कि उन्हें शशि कपूर पर बड़ा क्रश था।


बिकिनी ने मचाई हलचल

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1967 में, शर्मिला ने 'एन इवनिंग इन पेरिस' के प्रमोशन के लिए बिकिनी में फोटोशूट कराया, जिसने उस समय भारी विवाद खड़ा किया। यह घटना संसद में भी चर्चा का विषय बनी, जिससे वह देश की सबसे चर्चित महिलाओं में से एक बन गईं।


पोस्टर हटाने की कहानी

शर्मिला टैगोर: पहली बिकिनी अभिनेत्री जिसने भारतीय सिनेमा में क्रांति लाई


जब मुंबई में बिकिनी के बड़े पोस्टर लगाए गए, तो शर्मिला ने यह जानने के बाद कि उनकी सास शहर आ रही हैं, उन्हें रातों-रात हटवा दिया। यह घटना बॉलीवुड में एक प्रसिद्ध किस्सा बन गई।


प्यार और विवाह

अपने करियर के शिखर पर, शर्मिला को मंसूर अली खान पटौदी से प्यार हो गया, जो भारतीय क्रिकेट के सबसे युवा और करिश्माई कप्तान थे। उनके रोमांस ने उस समय की सबसे बड़ी प्रेम कहानियों में से एक का रूप लिया, लेकिन शादी के लिए उन्हें इस्लाम अपनाना पड़ा।


शाही जीवन की ओर

शर्मिला ने 27 दिसंबर, 1969 को मंसूर अली खान से शादी की। शादी के बाद भी उन्होंने अपने करियर को जारी रखा। आज, उन्हें पटौदी परिवार की राजमाता माना जाता है और उनके बच्चे सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा अली खान ने भी अपनी पहचान बनाई है।


एक सच्ची आइकन

शर्मिला टैगोर का जीवन केवल स्टारडम की कहानी नहीं है, बल्कि यह साहस, प्यार और विरासत की कहानी है। उनकी यात्रा ने न केवल बॉलीवुड को प्रभावित किया, बल्कि समाज में भी एक नई सोच को जन्म दिया।