श्रेया घोषाल ने दबंग 2 के गाने से किया इनकार, बताया कारण
श्रेया घोषाल का बड़ा खुलासा
मुंबई: प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर श्रेया घोषाल ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में बताया कि उन्होंने 2012 की फिल्म 'दबंग 2' के लोकप्रिय आइटम सॉन्ग 'फेविकॉल से' को गाने से मना कर दिया था। राज शमानी के पॉडकास्ट 'फिगरिंग आउट' में बातचीत के दौरान, श्रेया ने कहा कि गाने के बोल उन्हें अत्यधिक ऑब्जेक्टिफाइंग लगे, जिसके कारण उन्होंने इसे रिकॉर्ड नहीं किया।
गाने के बोल पर श्रेया की प्रतिक्रिया
'मैं ऐसे शब्द नहीं कह सकती...'
श्रेया ने कहा, 'उस फिल्म में एक गाना था जिसमें बहुत ज्यादा ऑब्जेक्टिफिकेशन था। यह सूक्ष्म नहीं था – जैसे 'चिकन बना के खा ले और ये करके लिपट ले' – मैं ऐसे शब्द नहीं कह सकती। इससे मेरा चेहरा लाल हो जाता है। मैं ऐसा नहीं कर सकती। कई बार मैंने हाथ जोड़कर माफी मांगी और चुपके से निकल गई।' यह गाना मूल रूप से ममता शर्मा ने गाया था, जो करीना कपूर खान और सलमान खान पर फिल्माया गया था।
फेविकॉल से का प्रभाव
'फेविकॉल से' फिल्म का सबसे चर्चित ट्रैक बन गया, लेकिन श्रेया के अनुसार बोल इतने सीधे और अश्लील थे कि वे अपनी आवाज नहीं दे सकीं। उन्होंने 'चिकनी चमेली' (अग्निपथ से) के अनुभव का जिक्र किया, जहां छोटी-छोटी लड़कियां गाने के बोल समझे बिना गाती और डांस करती दिखीं। इससे उन्हें लगा कि अब ऐसी गानों से दूर रहना चाहिए, जहां महिलाओं की ऑब्जेक्टिफिकेशन ज्यादा हो।
Shreya Ghoshal: "I rejected Dabangg 2 because it was too vulgar, had to run from Salman and his team"
— Raj (@idfcwau) March 16, 2026
"there was this one song in it which was just way too objectifying. It was not subtle also. I know I can’t say these words. So yeah just folded my hands and walked out of there" pic.twitter.com/SKA4sIHjW3
आइटम सॉन्ग्स पर श्रेया का दृष्टिकोण
श्रेया ने स्पष्ट किया कि वे 'चिकनी चमेली' से शर्मिंदा नहीं हैं और कॉन्सर्ट में इसे परफॉर्म करती रहती हैं, लेकिन अब वे अधिक जिम्मेदारी से गाने चुनती हैं। उन्होंने कहा कि कई बड़े हिट आइटम सॉन्ग्स ऑफर आए, लेकिन उन्होंने मना कर दिया क्योंकि वे ऐसी लिरिक्स नहीं गा सकतीं जो उन्हें असहज करें। यह खुलासा बॉलीवुड में आइटम नंबर्स और उनके बोलों पर चल रही बहस को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
कुछ लोग मानते हैं कि ऐसे गाने फिल्म का मनोरंजन हिस्सा हैं और कमर्शियल सिनेमा का पुराना ट्रेंड हैं, जबकि कई आलोचक और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने वाले बोल अब पुराने हो चुके हैं। आज के समय में संवेदनशीलता और सम्मानजनक कंटेंट की मांग बढ़ गई है। श्रेया घोषाल, जो अपनी मधुर और क्लासिकल आवाज के लिए जानी जाती हैं, ने इस फैसले से दिखाया कि कलाकार को अपनी सहजता और मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। फैंस उनकी इस ईमानदारी की तारीफ कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसे सपोर्ट कर रहे हैं।
